शिक्षकों की हड़ताल (फाइल फोटो)
- फोटो : हिमांशु सोनी
दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। डूटा के आह्वान पर बीते कई दिनों से शिक्षक हड़ताल पर हैं। इस कारण कॉलेजों में कक्षाएं ना के बराबर चल रही हैं। बुधवार को विभिन्न कॉलेजों की स्टॉफ एसोसिएशन ने भी डूटा की हड़ताल को समर्थन दिया। इस कारण कॉलेजों में स्टाफ एसोसिएशन की ओर से धरना दिया गया।
वहीं, बुधवार को दिल्ली विश्वविद्यालय कॉलेज लैब स्टाफ एसोसिएशन ने प्रायोगिक परीक्षाओं के भत्ते बढ़ाने तथा नए संशोधित भर्ती नियम की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। डीयू के गेट नंबर चार पर किए गए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लैब कर्मी शामिल हुए। लैब कर्मी अब 7 मार्च व 11 मार्च को भी प्रदर्शन करेंगे। एसोसिएशन के महासचिव अशोक कुमार व प्रधान नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि भत्ते बढ़ाने की मांग लगातार की जा रही है।
इसे लेकर विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों से कई बार बातचीत भी हुई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। यदि लंबित मांगे नहीं मानी गई तो लैब कर्मचारी आगामी प्रायोगिक परीक्षाओं का बहिष्कार कर सकते हैं। मालूम हो कि विश्वविद्यालय में लिखित परीक्षा के भत्ते 2017 में बढ़ाए गए थे। लेकिन प्रायोगिक परीक्षाओं के भत्तों को नहीं बढ़ाया गया था।