ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित एक इंटर कॉलेज में नौंवी के छात्र को प्रार्थना के समय लाइन से थोड़ा बाहर खड़े देख एक शिक्षक ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। छात्र ने विरोध किया तो दो अन्य शिक्षकों ने मिलकर उसे बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया।
इस दौरान छात्र का सिर भी फट गया लेकिन शिक्षकों ने उसे पीटना बंद नहीं किया। किस तरह छात्र ने भागकर अपनी जान बचाई और परिजनों के पास पहुंचकर घटना के बारे में बताया। पीड़ित परिजनों ने कासना कोतवाली में तीन शिक्षकों के खिलाफ तहरीर दी है।
जानकारी के मुताबिक, कासना निवासी उदेश नौंवी का छात्र है और वह कस्बे के ही एक स्कूल में पढ़ता है। छात्र का आरोप है कि बृहस्पतिवार को वह रोज की तरह स्कूल गया था। उस समय प्रार्थना के लिए बच्चे मैदान में एकत्र हो रहे थे।
तभी हुआ वो काम जिससे शिक्षक बन गए दानव
लगभग सभी बच्चे लाइन में खडे़ हो गए थे और वह एक छात्र से कुछ बात करते हुए थोड़ी देर के लिए लाइन से बाहर हो गया था। एक शिक्षक को अपनी ओर आता देख वह जल्दी से लाइन में खड़ा हो गया।
लेकिन उस शिक्षक ने पास आते ही मारपीट करनी शुरू कर दी। उसने इसका विरोध किया तो दो और शिक्षक आ गए और उन्होंने भी उसकी पिटाई शुरू कर दी। पिटाई से उदेश का सिर फट गया और खून बहने लगा। लेकिन बेरहम शिक्षकों ने पिटाई जारी रखी। इसके बाद उसने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और घर जा पहुंचा।
परिजनों ने बताया कि मारपीट करने के अलावा अभद्र और आपत्ति जनक भाषा और जाति सूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया है। पीड़ित के पिता जयप्रकाश की ओर से कोतवाली में घटना की तहरीर दे दी गई है। हालांकि अभी पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में बच्चों से कराई जाती है मजदूरी
ग्रेटर नोएडा के दादरी के सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने नहीं बल्कि मजदूरी कराई जाती है। जी हां एक अभिभावक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दादरी के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बच्चों से स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य में मजदूरी कराई जाती है।
दो से तीन छात्रों को हर रोज काम पर लगाया जाता है। हालांकि स्कूल के प्रधानाचार्य महावीर ने छात्रों को मजदूरी कराने की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि छात्र अपनी मर्जी से भले ही कुछ कर ले लेकिन उन्होंने या उनके स्टाफ द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं कराया जाता है।