शिक्षक ने लाइब्रेरी में की आत्महत्या (सांकेतिक तस्वीर)
शाहदरा जिले के पुरानी सीमापुरी स्थित राजकीय सर्वोदय बाल विद्यालय में गुरुवार शाम एक शिक्षक ने लाइब्रेरी में फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक की शिनाख्त गांव बनवारीपुर, बुलंदशहर, यूपी निवासी आशुतोष सिंह (50) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। नोट में आशुतोष ने आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए लोन न चुका पाने का जिक्र किया है।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि पिछले कुछ समय से आशुतोष डिप्रेशन का भी शिकार थे। उनका इलाज चल रहा था। छानबीन के दौरान परिजनों ने पुलिस को उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई हैं। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद आशुतोष का शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार के हवाले कर दिया। परिजन शव को बुलंदशहर स्थित अपने गांव ले गए। घटना लाइब्रेरी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। आत्महत्या का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आशुतोष अपने परिवार के साथ शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1, गाजियाबाद, यूपी में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और बेटी है। आशुतोष पिछले करीब 20 सालों से दिल्ली के शिक्षा विभाग में टीजीटी गणित के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2016 से आशुतोष सीमापुरी के स्कूल में पढ़ा रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर को वह घर से स्कूल आ गए। इसके बाद उन्होंने स्कूल में बच्चों को पढ़ाया भी। छुट्टी के समय वह लाइब्रेरी में पहुंचे और उन्होंने पंखे से लटककर जान दे दी। रात करीब 8.00 बजे स्कूल के गार्ड ने उनको लाइब्रेरी में फंदे से लटके देखा तो प्रिंसिपल और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को बुला लिया गया। जांच के दौरान पुलिस को उनके बैग से तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने मौत की वजह लिखने के अलावा किसी को परेशान न करने की गुहार लगाई थी। सीसीटीवी की जांच करने पर घटना उसमें कैद मिली। उसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्कूल के स्टाफ का कहना है कि आशुतोष स्कूल में भी किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। पुलिस स्कूल टीचर्स के अलावा परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी और डिप्रेशन की वजह से ही आत्महत्या करने की बात का पता चला है।