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डिजिटल इंडिया मुहिम में पीएम मोदी के साथ चाय वालों के बेटे

Tue, 29 Sep 2015 02:20 AM IST
मयंक तिवारी/अमर उजाला, गुड़गांव
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चाय बेचकर प्रधानमंत्री तक का सफर तय करने वाले नरेंद्र मोदी के लिए यह खबर सुखद हो सकती है। साइबर सिटी के कुछ चाय वालों ने चाय बेचते-बेचते अपने बेटों को सात समंदर पार आईटी इंडस्ट्री में भेज दिया, जिनकी नजरें आज डिजिटल इंडिया पर लगी हुई हैं।
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इन चाय वालों की जिंदगी से मोदी की दो चीजें चाय और डिजिटल इंडिया की मुहिम मैच कर रही है। आईटी का नाम आने पर गुड़गांव का नाम वैश्विक मैप पर आता है।

इस शहर में चाय बेच कर अपने बच्चों को इस इंडस्ट्री के अच्छे मुकाम पर भेजने वाले भी हैं। माइक्रोसाफ्ट, गूगल और फेसबुक ऑफिस में जाने के बाद मोदी ने डिजिटल इंडिया का जो खाका पेश किया उसे लेकर इन चाय वालों के बच्चों में उत्साह है।

उन्होंने अपने परिजनों को खुशी में फोन किया। पटेल नगर कॉलोनी में दयाचंद गुप्ता की गुरुद्वारा रोड पर चाय की दुकान है। वह 38 साल से चाय की दुकान चलाते हैं। उनका छोटा बेटा मनीष गुप्ता गुड़गांव की आईबीएम कंपनी में वरिष्ठ पद पर रहा चुका है।
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पीएम मोदी की मुहिम से खुश हैं बेटे

इसके बाद अमेरिका में रहे। हाल ही में उन्होंने पुणे स्थित एलकोर कंपनी में एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट के पद पर ज्वाइन किया है। चाय बेचकर उन्होंने मनीष गुप्ता को दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और बाद में टाटा इन्फोटेक से डिप्लोमा कराने के बाद आईटी सेक्टर में भेजा।

मनीष ने फोन पर ‘अमर उजाला’ को बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से उठाए गए कदम का बहुत बड़ा फल मिलने वाला है। जिसके चलते विश्व भर के निवेशकों को भारत में आने की होड़ लगेगी और डिजिटल इंडिया के बहाने युवाओं को रोजगार मिलेगा।

प्रधानमंत्री की इस यात्रा से देश की छवि विश्व पटल पर सुधरी है। वह डिजिटल इंडिया मुहिम में साथ देंगे। गुड़गांव पुलिस में 36 साल पहले सेवादार के पद पर भर्ती हुए शिव कुमार ने अधिकारियों को चाय पिलाने की नौकरी की।

अपने बेटे लोकनाथ तिवारी को बीटेक करवाया। सॉफ्टवेयर की पढ़ाई करने वाला लोकनाथ पांच साल से यूके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को देखते हुए शिव कुमार कहते हैं कि वह दिन दूर नहीं है जब उनका बेटा भारत में आकर काम करेगा।
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