बीके सिविल अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित मासूमों के वार्ड में ही 14 वर्षीय टीबी पीड़िता को भर्ती किया गया है। इससे न सिर्फ टीबी पीड़िता को परेशानी हो रही है बल्कि अन्य मरीजों में भी बीमारी फैलने का खतरा है। मामले की जानकारी जब प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. सविता को लगी तो उन्होंने तुरंत मामले में संज्ञान लिया और टीबी पीड़ित किशोरी के बारे में स्टाफ से जानकारी मांगी।
ओल्ड फरीदाबाद निवासी मरीज की मां ने बताया कि जनवरी से किशोरी टीबी की मरीज है। कमजोर और कुपोषित होने के कारण टीबी ने घातक रूप ले लिया। अब किशोरी को टाइफाइड की शिकायत हुई तो वह भी घातक हो गया। ऐसे में किशोरी की हालत ज्यादा बिगड़ती चली गई।
किशोरी की मां ने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है इसी कारण वह किशोरी को लेकर रविवार सुबह बीके अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने जांच कर उसे अस्पताल की पहली मंजिल पर बने वार्ड में बैड नंबर 44 पर भर्ती कर लिया।
किशोरी की मां ने बताया कि बुखार की तपिश दो दिन में कुछ कम हो गई है, लेकिन टीबी के कारण लगातार खांसी परेशान है। उधर वार्ड में भर्ती बच्चों के तीमारदारों को यही चिंता खाई जा रही है कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले उनके बच्चे कहीं टीबी ग्रस्त न हो जाए।