जांच में पता चला कि घटना के समय कार में उनका बेटा शरणजीत और एक रिश्तेदार भी था। बेटे ने बताया कि उसके पिता ओला के लिए टैक्सी चलाते थे। शाम को कार की हेडलाइट की मरम्मत करवाने के बाद वह मोती नगर से घर की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इसी दौरान एक अन्य कार चालक गाड़ी को आड़ी तिरछी चला रहा था और बार-बार उनकी कार के आगे पीछे कर रहा था। टैगोर गार्डन मेट्रो स्टेशन की लाल बत्ती पर रुकने पर उसके पिता ने चालक को ठीक से चलने की नसीहत दी। कुछ दूर जाने के बाद उक्त चालक ने कार रोकी और फिर दो युवक कार से उतरकर उनके पास आए। युवक उसके पिता को जबरदस्ती गाड़ी से बाहर निकालकर मारपीट करने लगे। आरोपी पीटने के बाद धमकी देकर फरार हो गए। हमले में उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई।
सीसीटीवी कैमरों से आरोपियों की कार का नंबर मिला
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित के बेटे ने कहा कि आरोपी क्रेटा कार में थे। उन लोगों ने युवकों की कार का नंबर नोट नहीं किया। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जिसके जरिये पुलिस को आरोपियों की कार का नंबर मिल गया। जांच में पता चला कि कार का मालिक पश्चिम विहार का रहने वाला है। पुलिस ने उसके घर पर दबिश देकर जतिन समारिया और पवन समारिया को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दोनों चचेरे भाई हैं और स्क्रैप का कारोबार करते हैं। आरोपियों ने बताया कि दोनों कार चलाकर मजे कर रहे थे। इसी दौरान अन्य चालक से कार चलाने को लेकर उनकी कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद उन्हें गुस्से में उसे पीट दिया।