विश्व में पर्यटन एक उद्योग के रूप में पहचान बना चुका है, लेकिन इस बार पर्यटन उद्योग पर टैक्स की मार ने हर किसी का मन फीका कर दिया है। पिछले वर्ष के मुकाबले टैक्स दरों में इस बार दो गुना बढ़ोतरी हो गई है।
पहले 4.5 प्रतिशत टैक्स चुकाया जा रहा था, वहां अब 9 प्रतिशत पहुंच गया है। ऐसे में देश में सैर करने की बजाय लोग विदेशों में छुट्टियां मनाने के लिए ज्यादा आकर्षित दिख रहे हैं।
टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसियों के मुताबिक सिंगापुर, दुबई, बाली, रूस, मॉरिशस में छुट्टियां बिताने को लेकर ज्यादा एनसीआर के लोगों में ज्यादा उत्साह है।
इसके लिए दो महीने पहले से ही बुकिंग का सिलसिला शुरू हो चुका है। 45 से 70 हजार रुपये के टूर पैकेज की बुकिंग ज्यादा हो रही है। मध्यम वर्ग के लोग भी अपना बजट निर्धारित कर इन स्थानों की यात्रा के लिए आगे आए हैं।
बताया जा रहा है कि पर्यटक जितना खर्चं दक्षिण भारत की यात्रा के लिए कर रहे हैं, उसमें थोड़ा और बढ़ाकर विदेश में गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लिया जा सकता है। फरीदाबाद में फन सिजनल टूर एंड ट्रेवल्स सेक्टर 11 के बिजनेस हेड हिमांशु सिंह ने बताया कि समय के साथ ट्रेंड बदल रहा है। अब देश के पर्यटन स्थलों से ज्यादा लोगों की पहुंच में विदेश के पर्यटन स्थल हैं। इस बार 50 फीसदी से ज्यादा बुकिंग विदेशों के लिए की गई है।
घूमने के नाम पर पर्यटक चुका रहे तीन गुना टैक्स
बताया जा रहा है कि पर्यटकों को बुकिंग के समय 9 प्रतिशत टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके बाद उतना ही टैक्स होटल में चुकाना पड़ता है। साइट सीन के नाम पर भी 9 प्रतिशत टैक्स वसूला जा रहा है। ऐसे में 27 प्रतिशत टैक्स का झटका पर्यटक झेल नहीं पा रहे हैं। यही वजह है कि इतने खर्च में विदेश की यात्रा के प्रति ज्यादा क्रेज बढ़ रहा है।