- पुण्यतिथि पर 25 नई कैंटीन शुरू, रोज एक लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य विश्वविद्यालय छात्रों को भी मिलेगा लाभअटल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने अटल कैंटीन योजना के तहत आठ महीने में 100 कैंटीन शुरू करने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को 25 नई कैंटीन का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही राजधानी में अटल कैंटीनों की संख्या 100 हो गई है। इन कैंटीनों में जरूरतमंदों को पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार के अनुसार सभी कैंटीनों की कुल क्षमता रोज करीब एक लाख लोगों को भोजन कराने की है।
अटल कैंटीन योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2025 को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुई थी। दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान 100 कैंटीन शुरू करने का वादा किया था। इसके बाद दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की ओर से चरणबद्ध तरीके से कैंटीन शुरू की गईं। सरकार के मुताबिक योजना शुरू होने के बाद अब तक करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। सभी कैंटीन साल के 365 दिन संचालित होंगी।
छात्रों को भी मिलेगा सस्ता भोजन
सरकार ने अब योजना का दायरा श्रमिकों और झुग्गी बस्तियों से आगे बढ़ाकर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तक कर दिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास शुरू कैंटीन में हॉस्टल और पीजी में रहने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को पांच रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाले छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
मेहनतकशों के सम्मान का संकल्प
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अटल कैंटीन केवल सस्ता भोजन उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि दिल्ली के निर्माण में योगदान देने वाले मेहनतकश लोगों के सम्मान का प्रयास है। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी इसे जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा का उदाहरण बताया।
कई इलाकों में पहुंची कैंटीन
रविवार को शुरू हुई 25 नई कैंटीन जनकपुरी, विकासपुरी, मुंडका, मंगोलपुरी, आरके पुरम, मटिया महल, मॉडल टाउन, मुस्तफाबाद, सीमापुरी, विश्वास नगर, तिमारपुर, मुखर्जी नगर, रिठाला, आदर्श नगर, नरेला, रोहिणी और शालीमार बाग समेत विभिन्न इलाकों में शुरू की गई हैं। अस्पतालों, मेट्रो स्टेशनों, झुग्गी बस्तियों और श्रमिक आबादी के आसपास के स्थानों को प्राथमिकता दी गई है।
अब गुणवत्ता और संचालन की चुनौती
100 कैंटीन का लक्ष्य पूरा होने के बाद सरकार के सामने इनके नियमित संचालन और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौती होगी। रोज करीब एक लाख लोगों तक सस्ता और पौष्टिक भोजन पहुंचाना योजना की बड़ी जिम्मेदारी है। अब सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि कैंटीन लंबे समय तक व्यवस्थित ढंग से संचालित हों और लाभ जरूरतमंदों तक लगातार पहुंचता रहे।