2017 में सर्जरी संभव नहीं पाई गई: एम्स
एम्स के अनुसार, 2013 में तन्वी की सीटी एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथेटेराइजेशन सहित महत्वपूर्ण जांच की गई थीं। 2017 में व्यापक चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद विशेषज्ञों ने पाया कि हृदय की संरचना और बीमारी की जटिलता को देखते हुए सुधारात्मक सर्जरी संभव नहीं थी। परिवार को मेडिकल मैनेजमेंट, नियमित फॉलो-अप और बीमारी के पूर्वानुमान की जानकारी दी गई थी। सीटीवीएस विभाग के प्रमुख और एक अन्य वरिष्ठ सर्जन ने भी मेडिकल मैनेजमेंट की सलाह दी थी।
अगस्त में भर्ती, एक सितंबर को मौत
एम्स के मुताबिक, हालत बिगड़ने पर तन्वी को 24 अगस्त 2026 को भर्ती किया गया। व्यापक मूल्यांकन के दौरान हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना पर भी विचार किया गया। 1 सितंबर की सुबह करीब 2:50 बजे उसे अचानक अत्यधिक कमजोरी हुई और ऑक्सीजन सैचुरेशन करीब 48 प्रतिशत तक गिर गया। करीब 3:30 बजे ऑक्सीजन सपोर्ट शुरू किया गया। इसके बाद हाइपोक्सिक स्पेल के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ। डॉक्टरों के लगातार पुनर्जीवन प्रयासों के बावजूद सुबह 5:06 बजे उसकी मौत की पुष्टि की गई।
रिकॉर्ड से पोस्टमॉर्टम तक, हर पहलू खंगालेगी समिति
एम्स के निदेशक द्वारा गठित समिति तन्वी के क्लिनिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, उपचार, विशेषज्ञों की राय और मौत की परिस्थितियों की समीक्षा करेगी। संस्थान के अनुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है। समिति की रिपोर्ट और ऑटोप्सी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एम्स ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए रोगी सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है।