नई दिल्ली। बुखार, दर्द या संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह दवा खरीदकर खाने की आदत लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। अस्पतालों में दवा से एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, एंटीबायोटिक, दर्द निवारक व अन्य दवाओं के गलत सेवन से त्वचा पर चकत्ते, खुजली, चेहरे व होंठों पर सूजन, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में एनाफिलेक्सिस जैसी जानलेवा स्थिति हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग पुराने पर्चे, परिचितों की सलाह या मेडिकल स्टोर से सीधे दवा खरीद लेते हैं, जिससे दुष्प्रभाव व एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। कई मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती तक करना पड़ता है। डॉक्टरों के अनुसार, दवा के बाद लाल चकत्ते, तेज खुजली, गले व चेहरे पर सूजन, सांस लेने में परेशानी या चक्कर आने पर तुरंत दवा बंद कर चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
जीटीबी अस्पताल के डॉ. प्रवीण कुमार व स्वामी दयानंद अस्पताल के डॉ. अजय ने बताया कि हर व्यक्ति का शरीर दवाओं पर अलग प्रतिक्रिया देता है। बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक या दूसरे के पर्चे की दवा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। समय पर सही इलाज व चिकित्सकीय सलाह से गंभीर एलर्जी से बचा जा सकता है। संवाद