इस ब्लॉक के थाना क्षेत्रों में दुष्कर्म पीड़िताओं का मेडिकल एम्स की बल्लभगढ़ शाखा में ही हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने एम्स अस्पताल इमरजेंसी को मेडिकल पैनल में शामिल कर लिया है। अभी तक यह जांच केवल बीके अस्पताल में ही होती थी।
इस तरह की पीड़िताओं की सामान्य जांच यानी तबीयत खराब होने पर प्राथमिक उपचार देकर मेडिकल के लिए बीके अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। जिसके बाद बीके अस्पताल में पीड़िता के अलग-अलग 16 सैंपल लिए जाते हैं और मेडिकल किया जाता है।
ऐसे में कई बार पुलिस कार्रवाई में देरी भी हो जाती है। साथ ही पीड़ित को बल्लभगढ़ से इतनी दूर आना पड़ता है। लेकिन अब मेडिकल की सुविधा एम्स में होने के बाद सिर्फ कानूनी सलाह या बयान के लिए बीके अस्पताल के वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर (ओएससीसी) आना होगा।
विभाग से मिली जानकारी अनुसार एम्स अस्पताल की इमरजेंसी को प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग चलाता है। मामले भी प्रदेश और जिले क्षेत्राधिकार में आते है। इसके अलावा इस प्रकार की जांच या मेडिकल तुरंत करवाया जाता है।
इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने अस्पताल इमरजेंसी को पैनल पर लिया है। सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा ने बताया कि पीड़िताओं की जांच के लिए सभी आवश्यक मेडिकल किट भेज दी गई है।