निवाड़ी के गांव डिडौली में एक पालतू घोड़े में खतरनाक संक्रमित बीमारी ग्लैंडर्स के लक्षण मिलने से पशु पालन विभाग में हड़कंप मचा है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की ओर से गठित चिकित्सकों की टीम ने बीमार घोडे़ समेत दो घोड़ों के सीरम राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजे हैं।
सोमवार तक रिपोर्ट आनी की उम्मीद है। जांच पॉजिटिव आने पर बीमार घोडे़ को मारना होगा। टीम की सलाह पर घोडे़ को बंद कमरे में रखा है।
थाना निवाड़ी के गांव डिडौली निवासी सुबोध कुमार के दो घोडे़ हैं। इनमें एक घोड़ा बीमार है। उसका इलाज मेरठ स्थित ब्रूक इंडिया की ओर किया जा रहा था।
ब्रूक इंडिया ने घोडे़ में खतरनाक संक्रमित ग्लैंडर्स बीमारी के लक्षण पाए और इसकी सूचना मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दे दी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी पशु में इस प्रकार की बीमारी मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया। संयुक्त निदेशक पशु पालन विभाग बिजेंद्र त्यागी ने बताया कि बीमारी की जांच के लिए मोदीनगर के डिप्टी सीवीओ डा. वीके पांडे के नेतृत्व में चार चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई थी।
दो दिन पूर्व टीम ने गांव पहुंचकर सुधीर कुमार के दोनों घोडे़ के ब्लड और सीरम का सैंपल लेकर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजा है। सैंपल रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डीएम से स्वीकृति लेकर घोडे़ को मारने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बदले में पशु स्वामी को 25 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह संक्रमित रोग है।
इसके साथ ही सामुदायिक केंद्र मुरादनगर के अधीक्षक को पशु पालक परिवार की देख रेख के लिए कहा गया है।