फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिठाई नहीं 'मौत' को मुंह लगा रहे हैं: खतरनाक केमिकल से बनाई जा रही मिठाइयां, इन दो से तो कैंसर का खतरा

Fri, 17 Oct 2025 05:39 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूछताछ में हरि नगर, दिल्ली निवासी आरोपी तारा चंद अग्रवाल ने खुलासा किया कि उसका बेटा कई वर्षों से अवैध मिठाई का कारोबार चला रहा था। दो साल पहले अपने बेटे की मौत के बाद तारा चंद ने खुद ही यह धंधा जारी रखा। दिवाली के मौसम में त्योहारों की भारी मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाइयां तैयार की जा रही थीं।
विज्ञापन
2600 किलो जहरीली मिठाई पकड़ी गई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिमी दिल्ली के रघुवीर नगर में सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नामक रसायन का इस्तेमाल कर मिल्क केक व कलाकंद आदि मिठाइयां बनाई जा रही थीं। इस रसायन का इस्तेमाल खाद्य उत्पादों में नहीं किया जाता है। पुलिस ने कारखाना मालिक ताराचंद व उसके 16 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन

इन उत्पादों के सेवन से हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नामक रसायन का खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल करने से गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। इससे फॉर्मेल्डिहाइड के कारण कैंसरजन्यता, जठरांत्र संबंधी विषाक्तता, एलर्जी, श्वसन संबंधी समस्याएं आदि हो सकती हैं। 

2600 किलो मिठाई बरामद हुई
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ इंस्पेक्टर निरीक्षक विनय कुमार व एसआई अनुराग त्यागी की टीम को 16 अक्तूबर को दिल्ली के रघुबीर नगर स्थित एक कारखाने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी कि जहां हानिकारक रसायनों और अस्वास्थ्यकर पदार्थों का इस्तेमाल करके बड़ी मात्रा में मिल्क केक और कलाकंद जैसी अवैध मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कारखाने से 2600 किलोग्राम से अधिक मिलावटी मिठाइयां और प्रतिबंधित रसायन बरामद किए गए।
विज्ञापन

बेटे की मौत के बाद पिता ने खुद संभाला धंधा
पूछताछ में हरि नगर, दिल्ली निवासी आरोपी तारा चंद अग्रवाल ने खुलासा किया कि उसका बेटा कई वर्षों से अवैध मिठाई का कारोबार चला रहा था। दो साल पहले अपने बेटे की मौत के बाद तारा चंद ने खुद ही यह धंधा जारी रखा। दिवाली के मौसम में त्योहारों की भारी मांग को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में मिलावटी मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। ये मिठाइयां त्योहारों के मौसम में विभिन्न दुकानों पर लगभग 200-250 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जानी थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें