दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने संसद के बाहर बेटियों को सुरक्षा देने व हैदराबाद दुष्कर्म मामले का विरोध करने वाली अनु दूबे से मारपीट करने वाली तीनों महिला अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है। मालीवाल का कहना है कि देश में हर दो मिनट में दुराचार होता है, लेकिन सरकार खामोश हैं। सवाल उठाने वालों को पुलिस डरा-धमकाकर चुप करवा देती है। मालीवाल ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
अनु दूबे की मदद के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचीं मालीवाल ने कहा कि आज फिर 2012 की यादें ताजा हो गई हैं। निर्भया कांड के बाद अब हैदराबाद की घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। देश की राजधानी में एक निहत्थी व अकेली बेटी अनु दूबे अपने डर व सुरक्षा की मांग को लेकर संसद के बाहर सिर्फ सरकार से सवाल करना चाहती थी। अनु ने कहा कि थाने के अंदर तीन महिला अधिकारियों ने बिस्तर पर लिटाकर उसको मारा-पीटा। उसके शरीर व हाथ पर चोट के निशान दिख रहे हैं।
पुलिस ने गेट नहीं खोला
मालीवाल का कहना है कि जब मैं शिकायत के लिए थाने पहुंची तो गेट नहीं खोला गया। गेट बंद करना दर्शाता है कि आम आदमी पुलिस तक अपनी बात भी नहीं पहुंचा सकता है। मैंने अनु से पुलिस मारपीट की शिकायत दर्ज करवा दी है। अब देखना है कि पुलिस अपनी तीन महिला अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करती है या नहीं।