जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरैप- हैवानियत और उन्नाव में नाबालिग से बलात्कार की घटना को लेकर देश में गुस्से का उबाल है।
इसी बीच शुक्रवार से दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी समता स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु कर दी है। अनशन शुरु करने से पहले वह राजघाट महात्मा गांधी की समाधि पर भी गई।
अनशन पर बैठने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि यदि बच्चियों से बलात्कार होता रहेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा। दोपहर में अनशन को समर्थन देने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा भी अनशन स्थल पर पहुंचे।
दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने समता स्थल से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत की। उनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी अनशन स्थल पर पहुंची।
अनशन शुरु करने से पहले उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियों की चीखें क्यों सुनाई नहीं दे रही। कभी दिल्ली, कभी कठुआ और कभी उन्नाव, यह सब क्या हो रहा है। क्या बच्चियां ऐसे ही लुटती रहेंगी।
बृहस्पतिवार को लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रधानमंत्री के अनशन पर बोलते हुए स्वाति ने कहा कि यदि बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा।
हमारी मांग यही है कि छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को छ: माह के अंदर फांसी की सजा हो। पोक्सो कानून में फांसी की सजा को जोडने की बात की जा रही है। लेकिन कानून बनाने से कुछ नहीं होगा।
कानून को सही तरीके से लागू नहीं कराया तो वह एक जुम्ला बनकर रह जाएगा। उन्होंने पुलिस की जवाबदेही तय करने, पुलिस के संसाधन बढ़ाने, फास्ट ट्रैक स्थापित करने की बात की। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी होने पर ही अब अनशन टूटेगा।
छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर फरवरी में आयोग ने रोप रोको अभियान भी चलाया था। इस अभियान के तहत लाखों की संख्या में पत्र केमाध्यम से लोगों की मन की बात प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई गई थी। बीते बृहस्पतिवार को भी स्वाति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था।