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स्वाति मालीवाल का AAP से इस्तीफा: राज्यसभा सांसद बोलीं- मैं PM मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करके भाजपा में आई

Sat, 25 Apr 2026 01:53 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

Swati Maliwal Joined BJP: राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आप पार्टी छोड़ने के बाद कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने घर में गुंडे से पिटाई करवाई और केस वापस लेने का दबाव डाला। जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया।
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स्वाति मालीवाल - फोटो : PTI
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विस्तार
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राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने एक इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैंने आप छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गई हूं। मालीवाल ने रचनात्मक राजनीति करने के इच्छुक सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की।

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'मैं 2006 में अरविंद केजरीवाल संग जुड़ी'
उन्होंने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा।

केजरीवाल पर गंभीर आरोप
मालीवाल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पंजाब को रिमोट से नियंत्रित कर रही है। इससे पंजाब उनका निजी एटीएम बन गया है। पंजाब में रेत खनन और नशीली पदार्थों का इस्तेमाल चरम पर है। जो नेता आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है। केजरीवाल भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं।

मोदी के नेतृत्व पर विश्वास
मालीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया। मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें 'ऑपरेशन सिंदूर' और नक्सलवाद का खात्मा शामिल है। उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करने जैसे फैसलों की भी सराहना की। मालीवाल ने दोहराया कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
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'कोई भी एजेंसी मुझे डरा नहीं सकती'
भाजपा में शामिल होने पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि स्वाति मालीवाल किसी से नहीं डरतीं है। देश की कोई भी एजेंसी मुझे डरा नहीं सकती। अब तक कोई भी अच्छा इंसान अरविंद केजरीवाल के साथ नहीं रहा है। वह किसी पर आरोप कैसे लगा सकते हैं, जब वह खुद भ्रष्टाचार में शामिल हैं? पूरा देश जानता है कि दो साल पहले मेरे साथ क्या हुआ था, जिस तरह से मुझे पीटा गया था, जिसकी वजह से उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वे इसलिए हारे क्योंकि दिल्ली की जनता मुझसे प्यार करती है और महिलाओं के प्रति किसी भी तरह के अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी की इस हालत के लिए पार्टी के बाहर का कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। कोई भी अरविंद केजरीवाल के साथ काम नहीं करना चाहता है।

'अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल'
अरविंद केजरीवाल के बारे में राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि अगर कोई गद्दार है, तो वह अरविंद केजरीवाल हैं। जब उन्होंने अपना आंदोलन शुरू किया था, तो वह फटी हुई पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे, और एक बिल्कुल खस्ताहाल कार में घूमते थे। हम सब उनसे प्रेरित थे, यह सोचकर कि यह आदमी देश में बदलाव लाएगा। आंदोलन के दौरान, उन्होंने पूरे देश को इतने बड़े-बड़े, मीठे सपने दिखाए, और देश उनसे प्रभावित हुआ। लेकिन उन्होंने किया क्या? सत्ता में आते ही, उन्होंने सौ करोड़ का घर बनवा लिया।

उन्होंने उसमें एक बार बनवाया, करोड़ों के कालीन लगवाए, और लाखों-करोड़ों का फ्रिज खरीदा। उनका सोफा इतना आलीशान है। और अब, जब दिल्ली की जनता ने उन्हें हरा दिया, तो वह पंजाब चले गए हैं। वे पंजाब को एक एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस आदमी से उन्होंने मुझे पिटवाया था, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई। आज, उसे भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह आदमी जो वीआईपी प्रोटोकॉल के खिलाफ बोला करता था, जब उसका काफिला निकलता है, तो हम पचास गाड़ियां गिनते हैं, लेकिन गाड़ियां पचास से भी ज़्यादा होती हैं। तो, देशद्रोह किसे कहते हैं? मैं अपने मूल सिद्धांतों के खिलाफ काम करने को देशद्रोह मानती हूँ। और अरविंद केजरीवाल से बड़ा कोई गद्दार नहीं है।

'मैंने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया'
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने मैंने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया है। जब महिला आरक्षण बिल पेश किया जा रहा था, तब भी पार्टी का रुख यही था कि वे इसका समर्थन नहीं करेंगे। मुझे लगता है कि मेरे लिए अब बस यही हद थी। मैंने अपनी पूरी जिंदगी महिलाओं के लिए काम किया है। मैंने महिलाओं के आरक्षण की ज़ोरदार वकालत की है, और पार्टी का रुख यह था कि अगर मैं इस पार्टी में बनी रहती, तो मुझे एक बयान पर दस्तखत करने पड़ते जिसमें यह लिखा होता कि इस देश में महिलाओं का आरक्षण नहीं होना चाहिए।

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