सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में एमिटी लॉ स्कूल नोएडा, एमिटी लॉ स्कूल सेंटर टू और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सहयोग से मंगलवार को ‘हयूमन राइट्स -समानता की ओर’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
संगोष्ठी की शुरुआत दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल, लॉ कमीशन ऑफ उत्तराखंड के चेयरमैन जस्टिस राजेश टंडन, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. रणबीर सिंह, एमिटी लॉ स्कूल के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. डीके बंदोपाध्याय आदि ने की।
मालीवाल ने कहा कि समाज में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। महिला के खिलाफ हो रहे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। तीन पुलिस स्टेशनों पर अनुसंधान से यह आंकडे़ सामने आए हैं कि 2012 से लेकर 2014 के बीच महिलाओं के साथ हो रहे अपराध के 31446 मामले दर्ज हुए।
इनमें से केवल 1046 केस में ही दोष सिद्ध हुआ। ऐसे में अपराधी के मन में कानून का डर नहीं रहता। उसे लगता है कि देश की कानून प्रणाली उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। यह समस्या दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे देश की है।