मालीवाल का बीते तीन दिनों से लगातार स्वास्थ्य गिर रहा था। हर दिन डॉक्टर उनका मेडिकल चेकअप भी कर रहे थे। बावजूद इसके, मालीवाल ने अनशन नहीं तोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि जब तक सरकार नहीं मानेगी वे अनशन जारी रखेंगी। फिर चाहे उनका दम ही क्यों न निकल जाए।
धरना स्थल पर बेहोश होने और उसके बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद स्वाति मालीवाल के समर्थन में अस्पताल से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों ने सरकार को दोषी ठहराया।
उनके समर्थन में दोपहर तक अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर काफी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। हाथों में समर्थन के बैनर लिए इन महिलाओं का कहना था कि सरकार को शर्म आनी चाहिए।
मालीवाल इतने दिन से भूखी-प्यासी राजघाट पर बैठी हैं, लेकिन भाजपा सरकार के नेता राजनीति में जुटे हैं। स्वाति मालीवाल के स्वस्थ होने के बाद भी धरना जारी रहेगा।