दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन जैसा भव्य स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन होगा। आसमान से बिल्कुल भव्य नजारा दिखेगा। पूरा स्टेडियम लेजरबीम और दुधिया रोशनी में डूबा रहेगा। समारोह में बैठने का सीटिंग प्लान भी कॉमनवेल्थ खेल के जैसा तैयार किया गया है। इसके लिए स्वर्ण जयंती प्राधिकरण के स्टेयरिंग व एग्जीक्यूटिव कमेटी की ओर से अध्ययन किया गया था।
एक नवंबर को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में होने वाले स्वर्ण जयंती समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। इस वजह से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त है। सुरक्षा के मद्देनजर पहले देसी तरीके से पगड़ी और फूल मालाओं से स्वागत किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री का भाषण होगा।
भाषण के बाद भव्य समारोह होगा। समारोह के नोडल ऑफिसर आनंद मोहन सरन का कहना है कि समारोह को देखकर दर्शक अभिभूत हो जाएंगेे। संबोधन तथा लाइट एंड शो के माध्यम से प्रदेश की उन्नति का सफर प्रदर्शित किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक विदेशी कंपनी द्वारा पूरे कार्यक्रम की भव्यता तय की गई है। प्रधानमंत्री अपने वीवीआईपी केबिन से इसे देखेंगे। समारोह के उद्घाटन के बाद लेजर शो में स्वर्ण जयंती का लोगो शंख भी साफ दिखेगा। इसमें हरियाणा के 50 वर्ष के इतिहास व विकास की झलक भी दिखाई देगी।
इसके लिए 200 से अधिक अलग-अलग लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। जिससे हर लाइट बीम के साथ एक संदेश मिले। हरियाणा की वीर-भूमि, कर्म भूमि, विजय भूमि और हरि भूमि को इस भव्य कार्यक्रम में दिखाने का प्रयास होगा।
कलाकार प्रस्तुत करेंगे कार्यक्रम
कार्यक्रम में 400 से अधिक कलाकार यहां की संस्कृति को प्रस्तुत करेंगे। इनमें हरियाणवी नृत्य, संगीत और अन्य कार्यक्रम होंगे। हर थीम के साथ विशेषज्ञों द्वारा एक थीम साउंड बनाया गया है। किसान, खेत, खिलाड़ी, सैनिक संबंधी 30-30 सेकेंड की थीम म्यूजिक भी है, जो प्रस्तुत करने से पहले बजाए जाएंगे।