योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और उनके सहयोगियों का स्वराज अभियान इस समय राजनीतिक दल बनने के मुहाने पर खड़ा है। रविवार को उसी कांस्टीट्यूशन क्लब से नई पार्टी का जन्म हो सकता है, जहां करीब चार साल पहले इन लोगों ने अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर आप के गठन का ऐलान किया था।
दरअसल, पिछले साल नवंबर में स्वराज अभियान ने दावा किया था कि देश भर के 100 जिलों और छह राज्यों में निर्वाचित संगठन खड़ा करने के बाद राजनीतिक पार्टी के बारे में विचार किया जाएगा।
अभियान ने राज्यों और जिला स्तरीय संगठनों के लिए शर्तें भी रखी थीं। मसलन, सदस्यता शुल्क 50 रुपये रखा गया। वहीं, जिले का संगठन तभी तैयार होना था, जब उस जिले में न्यूनतम 100 सदस्य हो जाएं और चुनाव के वक्त एक तिहाई मौजूद रहें।
सात राज्यों और 114 जिलों में निर्वाचित संगठन का दावा
योगेंद्र यादव
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इसके आधार पर दस सदस्यीय जिला स्तरीय कार्यसमिति बनाई जानी थी। फिर, राज्यों के कार्यसमिति का चुनाव होना था। पिछले करीब एक साल से स्वराज अभियान ने इसकी मुहिम छेड़ रखी है।
अब अभियान ने दावा किया है कि उसने सात राज्यों (बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली) व 114 जिलों में अपना निर्वाचित संगठन खड़ा कर लिया है।
31 जुलाई को कांस्टीट्यूशन क्लब में अभियान ने अपना पहला राष्ट्रीय प्रतिनिधि अधिवेशन बुलाया है। सूत्रों के अनुसार इसमें दूसरे कई मसलों के साथ अभियान को राजनीतिक दल बनाने का भी प्रस्ताव पेश होगा।
ज्यादा संभावना इस बात की है कि अधिवेशन इसका प्रस्ताव पास कर दे। दूसरी तरफ शुक्रवार को अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक हुई। इसमें प्रतिनिधि सभा को फैसले लेने का अधिकार दिया गया। वहीं, शनिवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का चयन होगा।