देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने में जिस प्रकार सत्याग्रहियों का बड़ा योगदान था। उसी तर्ज पर केंद्र सरकार अब गांव-गांव स्वच्छताग्रहियों की फौज खड़ा कराना चाहती है। स्वच्छताग्रही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे और गांव को स्वच्छ करने में प्रशासन की मदद करेंगे। इस संबंध में विकास एवं पंचायत विभाग ने सभी बीडीपीओ को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश सरकार भी मोदी सरकार का अनुसरण कर स्वच्छता मिशन को लेकर गंभीर है। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने फरीदाबाद से स्वच्छता अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान को घरातलीय बनाने के लिए सरकार ने हर गांव में ‘स्वच्छताग्रही’ बनाने का नया आइडिया ईजाद किया है।
स्वच्छताग्रही का काम केवल अपने आसपास और मोहल्ले में रहने वाले लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना होगा। लोगों को जागरूक करने का काम महिला या पुरुष कोई भी कर सकता है। इस बारे में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
हमने पचास गांवों की पंचायतों की मदद से स्वच्छताग्रही नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बाकी गांवों में भी जल्द इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। -उपमा अरोड़ा, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बल्लभगढ़।