दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान की कलई खुल गई है। महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए पीएम मोदी ने दो अक्तूबर को यह अभियान शुरू किया। लेकिन भाजपा के ही जिम्मेदार नेता ने इसे ठेंगा दिखा दिया।
हुआ कुछ यूं कि बुधवार को लोधी रोड स्थित इस्लामिक सेंटर पर बुधवार को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय अभियान के तहत झाड़ू लगाने पहुंचे। वहां उन्होंने पूर्व आप नेता शाजिया इल्मी समेत कई कार्यकर्ताओं संग झाड़ू लगाई और कूड़ा साफ किया।
लेकिन सच्चाई ये है कि इस्लामिक सेंटर के जिस हिस्से में भाजपा अध्यक्ष ने झाड़ू लगाई वहां पर असल में गंदगी थी नहीं। बल्कि उनके झाड़ू लगाने के लिए बाकायदे एक कर्मचारी ने गंदगी फैलाई थी।
यह सच सामने आते ही भाजपा की किरकिरी होने लगी। इससे जुड़ी बातचीत से सोशल मीडिया तो पट गया। पर हम नहीं जानते कि आखिर इस मामले को सामने किसने लाया। वो कौन है, जिसके चलते पूरी दिल्ली भाजपा बैकफुट पर चली गई है।
इस शख्स के चलते सामने आया सच
भाजपा का यह पूरा जिस शख्स के चलते सामने आया, वो हैं अग्रेजी अखबार मेल टुडे के फोटोग्राफर शेखर यादव। शेखर बुधवार को इस्लामिक सेंटर पर सतीश उपाध्याय के झाड़ू कार्यक्रम को कवर करने पहुंचे थे।
संयोग से जब वे इस्लामिक सेंटर पहुंचे तो कार्यक्रम शुरू होने में कुछ वक्त था। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक कर्मचारी कचरादान में कुछ कूड़ा लेकर इस्लामिक सेंटर की ओर आ रहा है। उसे यह बात अटपटी लगी। उसने उस कर्मचारी की तस्वीरें उतारनी शुरू कर दीं।
शेखर के मुताबिक वह शख्स इस्लामिक सेंटर में आकर कूड़ा फैलाने लगा। देखते ही देखते उसने सेंटर में काफी कचरा फैला दिया। कुछ देर बाद सतीश उपाध्याय, शाजिया इल्मी कार्यकर्ताओं समेत वहां आए और झाड़ू लगाने लगे। शेखर ने सारी तस्वीरें श्रृंख्लाबद्ध तरीके से कैमरे में उतार लीं।
अगले दिन मेल टुडे ने इस सभी तस्वीरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद देखते ही देखते टीवी चैनलों ने फोटो को आधार बनाते हुए खबर दिखानी शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें वायरल हो गईं।
सतीश उपाध्याय ने मामले पर क्या कहा
तस्वीरों को लेकर चारों तरफ हो-हला मचते देख भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को सफाई देनी पड़ी। उनके अनुसार वह कुछ समय के लिए वहां गए थे। उन्हें कूड़ा फैलाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो मैं मामले की पूरी तरह से आलोचना करता हूं।
उधर, इस्लामिक सेंटर ने भी मामले पर सफाई पेश की है। उनके अनुसार कूड़ा फैलाने वाला कर्मचारी उनके सेंटर का नहीं है। उनका ये भी कहना है कि यह विरोधी पार्टियों की चाल है। यह सारा मामला भाजपा अध्यक्ष को बदनाम करने के लिए की गई एक साजिश है।
जबकि शाजिया इल्मी ने मामले पर ट्वीट किया है कि वह केवल एक वहां एक कारोबारी के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची थीं। उन्हें कूड़ा फैलाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।
साथ ही दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और शाजिया इल्मी के फोटो छपने के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा को आड़े हाथ लिया। कांग्रेस आध्यक्ष अरविंदर लवली के मुताबिक इन तस्वीरों ने भाजपा के कोरे अभियान की पोल खोल दी है।