फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन में पकड़ा संदिग्ध: अंडरगार्मेंट में मिला 155 ग्राम सोने जैसा पाउडर; जवान ने दबोचा

Mon, 19 Oct 2026 05:45 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर आज सीआईएसएफ के जवानों ने एक संदिग्ध यात्री को पकड़ा। युवक के बैग से करीब 155 ग्राम सोने जैसा पाउडर मिला। ये पदार्थ अंडरगारमेंट में छिपाकर रखा गया था।
विज्ञापन
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध यात्री पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ के जवानों ने जांच के दौरान एक युवक के बैग से करीब 155 ग्राम सोने जैसा पाउडर बरामद किया। पाउडर को बैग में रखे एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपाकर रखा गया था। पकड़े गए युवक की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और उसने मलेशिया के कुआलालंपुर में भी अपना पता बताया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में बरामद पाउडर के नशीला पदार्थ होने की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि, युवक इसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

विज्ञापन



 

Trending Videos

पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को गश्त के दौरान जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के स्टेशन कंट्रोलर से एक व्यक्ति को सीआईएसएफ द्वारा पकड़े जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे एएसआई मसूम रजा को सीआईएसएफ जवानों ने युवक को सौंपा। जवानों ने बताया कि बैग की जांच और तलाशी के दौरान संदिग्ध पदार्थ नजर आया था। जांच करने पर अंडरगारमेंट में छिपाकर रखा करीब 155 ग्राम पाउडर मिला।

मलेशिया में कपड़ा क्षेत्र में काम करने का दावा
पूछताछ में शोएब ने बताया कि वह मलेशिया में रहता है और कपड़ा क्षेत्र में काम करता है। उसकी पत्नी और दो बच्चे भी मलेशिया के नागरिक हैं। उसके मुताबिक, वह 16 अक्टूबर को दिल्ली आया था और जामा मस्जिद इलाके के वासिर नाम के होटल में ठहरा था। घटना वाले दिन वह जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन से लाजपत नगर जाने के लिए पहुंचा था, जहां तलाशी के दौरान पकड़ा गया।
विज्ञापन

नशीला पदार्थ नहीं, दस्तावेज भी नहीं मिले
पुलिस ने मामले की जानकारी कस्टम विभाग को दी, लेकिन विभाग ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं माना। इसके बाद संबंधित नारकोटिक्स विभाग से पदार्थ की जांच कराई गई। जांच में पुष्टि हुई कि बरामद पाउडर कोई मादक पदार्थ नहीं है। पुलिस के मुताबिक, शोएब बरामद पदार्थ के मालिकाना हक का कोई दस्तावेज नहीं दे सका और न ही उसे रखने का संतोषजनक कारण बता पाया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट मेट्रो थाने में दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें