दिल्ली में कांग्रेस-आप के बीच संभावित गठबंधन के रास्ते बंद हो गए हैं। कांग्रेस ने गठबंधन के लिए गेंद आप के पाले में डालते हुए स्पष्ट कर दिया कि गठबंधन मात्र दिल्ली में होगा यह आम आदमी पार्टी को तय करना है, वरना उनकी वह सातों सीटों पर लड़ेगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के चुनाव लड़ने पर संशय बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार शीला स्वयं चुनाव नहीं लड़ना चाहती बल्कि अपने बेटे संदीप दीक्षित को चुनाव मैदान में उतारना चाहती है।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने जिस प्रकार संवाददाता सम्मेलन में चार सीटों पर अपने प्रत्याशी तय करने की बात कर दी उससे गठबंधन के रास्ते बंद नजर आ रहे हैं। कांग्रेस ने कल हुई बैठक में चार नाम तय कर दिए थे लेकिन तीन अन्य सीटों पर नाम बाद में तय करने की बात की थी। बताया जा रहा है कि पश्चिमी दिल्ली से पूर्व सांसद महाबल मिश्रा का नाम तय माना जा रहा है। वहीं, दक्षिणी दिल्ली पर कांग्रेस ने पहलवान सुशील कुमार का नाम भी सहमति बन चुकी है। पहले इस सीट पर पूर्व सांसद रमेश कुमार का नाम चला था लेकिन कांग्रेस किसी भी हाल में एक बार फिर 84 दंगो को मुद्दा बनाने से परहेज कर रही है। रमेश कुमार के बड़े भाई सज्जन कुमार जेल में हैं।
चुनावी मैदान से पीछे हट सकते हैं सिब्बल
वहीं, सूत्रों के अनुसार कपिल सिब्बल चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं वे पहले ही कह चुके है कि गठबंधन होने पर ही वे चुनाव लड़ेंगे। यानी यदि वे पीछे हटते हैं तो पार्टी चांदनी चौक से जय प्रकाश अग्रवाल को मैदान में उतार सकती है और नार्थ-ईस्ट से किसी अन्य को मैदान में उतारा जा सकता है। वहीं, गठबंधन न होने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और वे अपने नेताओं के लिए वोट मांगने में गुरेज नहीं करेंगे।