आय से अधिक संपत्ति और गैंगेस्टर मनजीत महाल के साथ मिलकर वजीराबाद निवासी एक युवक को धमकी देने की वारदात से चर्चा में आए निलंबित सहायक उपनिरीक्षक राज सिंह ने पूर्व पुलिस आयुक्त गुरुग्राम एवं मौजूदा आईजी रोहतक नवदीप सिंह विर्क समेत कई पुलिस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
ईएएसआई ने रविवार को सिविल लाइन स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि मेरे मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो परिवार के साथ आत्महत्या कर लूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व पुलिस आयुक्त की सहमति पर ईएएसआई सुभाष बोकन एवं अन्य पुलिस अधिकारी उसे फंसाने का प्रयास कर रहे हैं।
सभी अधिकारी मिलकर मुझपर फर्जी मुकदमे लादे जा रहे हैं। ताकि मुझसे और पैसे वसूले जा सके। राज सिंह ने इन सभी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके लिए उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले इन पुलिस अधिकारियों ने 28 अगस्त 2015 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में उसे एवं उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि इसी मामले के निपटाने के लिए एसीपी राजेश चेची की मध्यस्थता में उसने सुभाष बोकन को 15 लाख का भुगतान किया था। अब गैंगेस्टर मनजीत महाल के साथ नाम जोड़ कर परेशान किया जा रहा है।