संगीन अपराधों की एफआईआर दर्ज करते वक्त अक्सर थानेदार और मुंशी धाराओं में खेल करते हैं।
इन पर लगाम लगाने के लिए एसएसपी अब प्रत्येक माह थानों में दर्ज होने वाली रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वादी को भी बुलाकर उनसे घटना की वास्तविकता का पता करेंगे।
अगर वादी ने एसएसपी को यह बताया कि पुलिसवालों ने उस पर मन मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया है तो संबंधित थानेदार और रिपोर्ट दर्ज करने वाले मुंशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि अक्सर चोरी की रिपोर्ट को गुमशुदगी में, लूट की रिपोर्ट को चोरी में , रेप की घटना को छेड़खानी में और डकैती जैसी घटनाओं को भी चोरी में दर्ज करने की कोशिश पुलिस करती है। र्कई बार कर भी लेती है।