अलकायदा से प्रभावित होकर आतंकी माड्यूल बने संदिग्धों से हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। राजस्थान के भिवाड़ी से पकड़े गए संदिग्धों से हैंडग्रेनेड बरामद किए गए हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारी अभी एक ही हैंडग्रेनेड बरामद होने की पुष्टि कर रहे हैं।
इस मॉड्यूल का एक खतरनाक सदस्य अभी भी फरार है। इस सदस्य को बम बनाना आता है। सूत्रों का दावा है कि पकड़े गए संदिग्ध दिल्ली व एनसीआर में हैंडग्रेनेड व एके-47 जैसे खतरनाक हथियार लेकर दिल्ली-एनसीआर में घूमते रहे, मगर कहीं भी पुलिस की इन पर नजर नहीं पड़ी। गनीमत रही कि विशेष प्रकोष्ठ ने समय से इन संदिग्धों को पकड़कर दिल्ली-एनसीआर को बड़ी वारदात से बचा लिया।
विशेष प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भिवाड़ी से जो छह संदिग्ध पकड़े गए हैं उनके पास से हैंडग्रेनेड जैसे हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये हैंडग्रेनेड व एके-47 जैसे कहां से लाए और इन्हें भिवाड़ी क्यों लाया गया।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध युवक रांची से ट्रेन से दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचे। भिवाड़ी के रहने वाले दो युवक इनको कार से लेने आनंद विहार रेलवे स्टेशन आए थे और भिवाड़ी लेकर गए थे। इस दौरान संदिग्धों के पास हैंडग्रेनेड व एके-47 जैसे हथियार मौजूद थे। वरिष्ठ पुलिस सूत्रों ने बताया संदिग्ध कार से दिल्ली रिंग रोड़ से लेकर भिवाड़ी गए थे।
कड़ी आतंकी ट्रेनिंग लेकर आए थे मेवात
विशेष प्रकोष्ठ के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध मेवात के जंगलों में आतंकवाद की कड़ी ट्रेनिंग लेने आए थे। इन्होंने यहां पर एक ही दिन की ट्रेनिंग ली थी, इसके लिए बाद दिल्ली पुलिस ने इनको दबोच लिया। जो आरोपी इनको भिवाड़ी लेकर गए थे उन्होंने ही इनका भिवाड़ी में ठहराने व अन्य इंतजाम किए थे।
टेलीग्राम के जरिए हैंडलर के संपर्क में आया था डाॅक्टर
इस आतंकी मॉड्यूल का सरगना डाॅक्टर इश्तियाक टेलीग्राम के जरिए अलकायदा से जुड़े हैंडलर के संपर्क में आया था। हैंडलर ही डाक्टर को सभी तरह के निर्देश देता था। डाक्टर ने बताया कि वर्ष 2021 में किसी जानकार ने हैंडलर के आईडी दी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये आईडी भी डिएक्टीवेट हो चुकी है।