आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का चेहरा कौन होगा, इसे लेकर पार्टी में बेहद उत्सुकता है। इन सवालों का जवाब जल्द ही मिलेगा। पार्टी आम लोगों की राय लेकर यह तय करेगी कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में चेहरा और मुद्दे की क्या रणनीति होगी।
रणनीतिकारों की माने तो प्रदेश भाजपा को जब से पूर्वांचली नेतृत्व मिला है, तब से किसी भी चुनाव में पार्टी को हार नहीं मिली है। ऐसे में जब चुनाव काफी करीब है तो नया फैसला लेना ठीक नहीं है।
बीते विधानसभा चुनाव में अचानक से पार्टी ने किरण बेदी को मुख्यमंत्री का चेहरा पेश किया था। इसका खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ा था। इसी तरह 2014 के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल थे, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. हर्षवर्धन को पेश किया गया। इसका भी बहुत अधिक फायदा नहीं मिला।
प्रदेश भाजपा प्रभारी श्याम जाजू ने बताया कि मुख्यमंत्री का चेहरा पेश किया जाए या नहीं इसे लेकर सर्वे चल रहा है। हरियाणा, महाराष्ट्र का चुनाव खत्म हो गया है अब दिल्ली पर फोकस करेंगे। देखेंगे कि पार्टी का कैडर व जनता क्या चाहती है।
मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा सर्वे के बाद संसदीय बोर्ड तय करेगा। क्योंकि भाजपा ना तो आप की तरह व्यक्तिवादी पार्टी है और न ही कांग्रेस की तरह परिवारवादी।