फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Survey : जलवायु परिवर्तन की दशा-दिशा बताएगी ड्रैगनफ्लाई-डैमसेलफ्लाई की उपस्थिति, जैव विविझधता पार्क में गिनती

Mon, 09 Oct 2023 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

डीडीए जैव विविधता पार्क में मौजूद ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई की उपस्थिति भविष्य में जलवायु परिवर्तन की दशा व दिशा बताने में मददगार साबित हो सकती है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : lawlex
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जलवायु परिवर्तन रोकने में जैव विविधता की अहम भूमिका है। डीडीए जैव विविधता पार्क में मौजूद ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई की उपस्थिति भविष्य में जलवायु परिवर्तन की दशा व दिशा बताने में मददगार साबित हो सकती है। 

विज्ञापन


जैव विविधता पार्क में वन्यजीव सप्ताह के दौरान (5-7 अक्टूबर) ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई का सर्वेक्षण किया गया। इसमें देखा गया कि बदलते जलवायु परिवर्तन की वजह से बीते वर्ष के मुकाबले नम भूमि की गुणवत्ता खराब हो रही है। इससे कुछ पार्कों में ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई की संख्या में कमी आई है। वहीं, कुछ पार्क में स्वस्थ वातावरण के चलते इनकी प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

दिल्ली में ड्रैगनफ्लाई की अधिकता वाले यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क, अरावली, कमला नेहरू पार्क, तुगलकाबाद, नील हौज, कालिंदी, और तिलपथ बायोडायवर्सिटी पार्क में सर्वेक्षण किया गया। ये दोनों जीव आर्द्र भूमि पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बार दिल्ली व इसके आसपास के इलाकों में अनियमित बारिश हुई है, इसके बाद सूखे जैसे हालात भी सामने आए हैं। ऐसे में इनकी गिनती से यह समझने में मदद करेगी कि अनियमित बारिश का इन जीवों की संख्या और विविधता पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। 
विज्ञापन


विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के मिजाज में अत्यधिक बदलाव के कारण वितरण क्षेत्र में बदलाव और उपयुक्त आवासों में कमी आ रही है। इस अभियान में ड्रैगनफ्लाई व डैमसेलफ्लाई की कुल 97 प्रजातियों की पहचान की गई है। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज, सत्यवती कॉलेज, जाकिर हुसैन कॉलेज के छात्रों की भागीदारी के साथ दयाल सिंह कॉलेज, मिरांडा हाउस और डीडीए जैव विविधता पार्कों के विशेषज्ञ सर्वेक्षण में शामिल रहे।

कृषि कीटों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण :
ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई पर्यावरण व पक्षियों और मछलियों के शिकार दोनों के रूप में महत्वपूर्ण हैं। इन कीड़ों को स्थिर ऑक्सीजन स्तर और स्वच्छ पानी की आवश्यकता होती है, वैज्ञानिक उन्हें पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के विश्वसनीय जैव संकेतक मानते हैं। वे कीड़ों की आबादी, विशेषकर मच्छरों और कृषि कीटों जैसे कीटों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मीठे पानी के कीड़े हैं, जो अर्ध-जलीय जीवन चक्र दिखाते हैं। उन्हें वैश्विक जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन करने के लिए मॉडल जीव भी माना जाता है।

बदलते मौसम से प्रभावित हो रही संख्या
ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई शिकार और शिकारी होने के कारण मानव समाज के साथ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे लार्वा और वयस्क दोनों चरणों में शिकारी होते हैं, जो आर्द्र भूमि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे मच्छरों का जैविक नियंत्रण हैं, इसलिए मलेरिया, डेंगू जैसे वेक्टर जनित रोगों के प्रभाव को कम करके स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के बोझ को कम करते हैं।उच्च पानी के तापमान के कारण भी लार्वा तेजी से विकसित होते हैं और जल्द ही वयस्क हो जाते हैं, जिससे उनके कम जीवन काल के कारण पूरे मानसून में उनकी उपलब्धता प्रभावित होती है। एक ड्रैगनफ्लाई प्रतिदिन 30-100 मच्छर खाने की क्षमता रखता है।

दोनों प्रजातियां के बारे में माना जाता है कि ये 300 मिलियन वर्ष से पूर्व धरती पर पहली बार उड़ने वाले कीड़े हैं। इनकी संख्या क्षेत्र में स्वच्छ पानी का संकेत देती है। दोनों जीव स्वच्छ पानी के पास और आर्द्रता वाली जमीन पर उगने वाली वनस्पति पर अंडे देते हैं। 
विज्ञापन

-डॉ. फैयाज ए खुदसर, प्रभारी वैज्ञानिक, बायोडायवर्सिटी पार्क

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें