एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने आरोप लगाया है कि औद्योगिक सेक्टरों में संस्थागत इकाइयों को विकसित करने की होड़ है। मुख्यमंत्री व औद्योगिक विकास मंत्री को पत्र लिखकर औद्योगिक इकाइयों के दमन नीति को रोकने की शिकायत की है।
उन्होंने बताया कि मास्टर प्लॉन 2021 तक शहर की कुल जमीन का 1219 हेक्टेयर क्षेत्र में संस्थागत गतिविधियों की जानी है। 2031 तक यह दायरा बढ़ाकर 1357 हेक्टेयर किया जाना है। इनके लिए प्राधिकरण ने सेक्टर-62,125,126,127,132,136,142,153 चिन्हित किए हुए हैं।
इसके बाद भी लगातार फेज-1 व फेज-3 में संस्थागत इकाइयों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, स्थापना के बाद से 2010 तक कुल 1267 हेक्टेयर हिस्से में औद्योगिक इकाइयां विकसित की गई। जबकि मास्टर प्लान 2031 तक महज 2806.52 हेक्टेयर हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना है। इसके बाद भी संस्थागत इकाईयों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्त्रस्मण किया जा रहा है।