निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को फांसी के लिए एक बार फिर मेरठ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। कोली की फांसी के लिए मेरठ कारागार प्रशासन ने सितंबर में ही इंतजाम पूरे कर लिए थे।
कानून के जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद कोली के पास अब कोई विकल्प नहीं बचता। ऐसे में उसे जल्द ही फांसी दी जा सकती है। दूसरी ओर कोली के अधिवक्ताओं का कहना है कि अभी वह इस पूरे मामले का मंथन कर रहे हैं।
उधर डासना जेल की बंद सुरेंद्र कोली की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। जेल अधीक्षक एसपी यादव के अनुसार कोली द्वारा मांगी गई महात्मा गांधी की आत्मकथा और भागवत गीता उसे पढ़ने के लिए पूर्व में ही उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
जेल अधीक्षक का कहना है कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश उनके पास नहीं पहुंचा है। आदेश आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं कानूनविद
‘अभी हमने कोई निर्णय नहीं लिया है। वैसे चूंकि यह एक रिव्यू पिटीशन खारिज हुई है, लिहाजा नियमानुसार राष्ट्रपति के पास कोली दोबारा से दया याचिका भेजी जा सकती है या नहीं, इस पर मंथन चल रहा है।’ - विक्रांत शर्मा, सुरेंद्र कोली के अधिवक्ता।
‘सुरेंद्र कोली की दया याचिका राष्ट्रपति पहले ही खारिज कर चुके हैं। कोली की फांसी से कुछ दिन पूर्व ही सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के चलते उसकी रिव्यू पिटीशन ओपन कोर्ट में सुनवाई केलिए मंजूर हुई थी। अब चूंकि यह पिटीशन खारिज हो चुकी है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट स्थानीय सीबीआई कोर्ट और जेल प्रशासन को इसकी जानकारी देगा। उम्मीद है कि जल्द ही कोली का डेथ वारंट जारी किया जा सकता है।’ - जेपी शर्मा, निठारी मामले में सीबीआई के स्पेशल पीपी