सूरजकुंड भाजपा के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में सत्ता हासिल करने के बाद हुई लगतार बैठकों से भाजपा ने पहले हरियाणा और अब उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड चुनाव को फतह कर लिया।
यानी यूपी और उत्तराखंड में पार्टी के जीत का रास्ता छह माह पहले सूरजकुंड से ही तय किया गया था। घनें जंगलों के बीच बैठकर बनाई गई संघ और संगठन की रणनीति चुनाव में काम आई और पार्टी को प्रचंड बहुमत दिखाकर सत्ता के शिखर पर पहुंचा दिया।
खुद उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल मान रहे हैं। बता दें कि यूपी और उत्तराखंड चुनाव से छह माह पहले 10 से 13 सितंबर 2016 तक संघ और देशभर के संगठन मंत्रियों की मंथन बैठक का आयोजन सूरजकुंड स्थित राजहंस होटल में किया गया था।
ये बैठक इतनी गोपनीय थी कि पार्टी पदाधिकारी तक को नहीं पता था कि मंथन में किस बात की चर्चा हो रही है। मीडिया को भी इससे दूर रखा गया था। मंथन बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश वर्गीय ने उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री सुनील बंसल, जम्मू कश्मीर के प्रभारी राम माधव, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल, प्रशिक्षण वर्ग के राष्ट्रीय प्रमुख मुरलीधर राव, यूपी के क्षेत्रीय प्रचारक कौशलेंद्र, प्रशिक्षण सेल के प्रभारी राम प्यो पांडेय समेत अन्य संघ व संगठन के वलरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यूपी-उत्तराखंड को फतह करने की रणनीति बनाई थी। इस मंथन बैठक में भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले पार्टी अध्यक्ष अमित शाह दो दिन तक संगठन मंत्रियों से जीत का फार्मूला समझते और समझाते रहे।
यूपी के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने माना कि सूरजकुंड में संगठन को लेकर चर्चा की गई थी। निश्चित रूप से हम सबकी रणनीति काम आई।