सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला परिसर एनसीआर के युवाओं के लिए हॉट डेस्टिनेशन प्वाइंट बन गया है। मल्टीप्लेक्स जाने वाले युवा जोड़े भी यहां पर नगाड़ा और बीन पार्टी के कलाकारों के साथ ठुमके लगाकर आनंद ले रहे हैं।
कपल्स के लिए भी यह स्थान सबसे मुफीद जगह बन गया है। रविवार को मेले के दूसरी चौपाल पर गंदी बात...गाना चला, जिस पर युवा थिरक उठे। यहां चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम और मेला परिसर में लोक कलाकारों के साथ नाचने और फोटो खिंचवाना उन्हें काफी पसंद आ रहा है।
मेले का पहला दिन उद्घाटन के नाम रहा, जबकि दूसरे दिन रविवार होने के बावजूद उतनी भीड़ नहीं रही, जितने की उम्मीद मेला प्रशासन कर रहा था। मुश्किल से 25-30 हजार लोगों ने मेले का भ्रमण किया। हालांकि आधिकारिक आंकड़ा मेला प्रशासन देने से बच रहा है।
सैलानियों का कहना है कि अभी तक मेले में न तो अच्छे सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखे हैं और न ही अच्छे स्टॉल। ऊपर से टिकट 40 फीसदी महंगी हो गई है। रविवार को कई स्कूलों के बच्चों ने भी मेले का आनंद लिया। दिनभर मेला परिसर में सैलानी नृत्य-संगीत, खान-पान और शिल्पियों व बुनकरों के हुनर को देखने में लगे रहे।
मोर बन नंद कुटी में आए नटवर नंद किशोर...
आयो रसिया मोर बन आयो रसिया बरसाने की नंद कुटी में..., फाग खेलन बरसाने में आए हैं नटवर नंद किशोर...एवं रसिया की रसीली बन जाऊं गी...जैसे गीतों पर ब्रज के कलाकारों ने रविवार को मयूर नृत्य पेश करके लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ब्रज की संस्कृति से सराबोर कार्यक्रम पेश किया यश भारती सम्मान से सम्मानित मुरारी लाल शर्मा एवं उनके साथियों ने। मोर पंखों के साथ झूमते कृष्ण, राधा और गोपियों का मनोरम दृश्य सैलानियों ने कैमरे में कैद किया।
चारकुला नृत्य अकादमी के निदेशक मुरारीलाल शर्मा ने बताया कि उनके छात्र अलग-अलग कॉलेजों में शिक्षा अर्जित करते हुए ब्रज की संस्कृति का दुनियाभर में नृत्य और गीत-संगीत के माध्यम से प्रचार प्रसार कर रहे हैं। कृष्ण की भूमिका लेखराज शर्मा एवं राधा की भूमिका पूजा सैनी कर रही हैं।
मेले में हो रहा पॉलीथिन का प्रयोग
पॉलीथिन के उपयोग पर सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी सूरजकुंड मेले में धड़ल्ले से इसका उपयोग किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस बात की जानकारी मेला प्रशासन को नहीं है। मेले में पूरा जिला प्रशासन मौजूद है। व्यापारियों और शहर वालों को इसके लिए नसीहत दी गई है फिर भी मेले में इसका जमकर प्रयोग हो रहा है। इसे रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने दो साल पहले कानून बनाकर राज्य में पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगा रखी है। इसका लिखित आदेश हरियाणा टूरिज्म की वेबसाइट पर भी मौजूद है। मेले में जूट के बैग का एक स्टॉल लगाया गया है। इसके लिए स्टॉल संचालक 10 रुपये अलग से चार्ज कर रहे हैं। लेकिन ग्राहक उसे देने को तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि विकल्प के रूप में वे पॉलीथिन का उपयोग कर रहे हैं।