31वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार मेले में झारखंड का जलवा दिखेगा। दर्शक झारखंड की संस्कृति और सभ्यता के अलावा हस्तशिल्प की बारीकियों को देख सकेंगे। थीम स्टेट के रूप में पहली बार इस राज्य का चयन हुआ है।
इसके अलावा इस बार कंट्री पार्टनर इजिप्ट को बनाया गया है। हालांकि, अभी इन दोनों ही नाम की औपचारिक घोषणा होनी बाकी है लेकिन मेले को इसी आधार पर सजाने संवारने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
झारखंड नंबवर 2001 में बिहार से अलग होकर नया राज्य बना था। पिछले कई साल से सूरजकुंड मेले में थीम स्टेट के रूप में इस राज्य की दावेदारी मजबूत मानी जाती रही है, लेकिन 31वें मेले में झारखंड को थीम स्टेट बनने का मौका मिला है।
बता दें कि, पिछले दो साल से उन राज्यों को चुना जा रहा है जो पहले कभी पहले थीम स्टेट न बने हों। पर्यटन मंत्रालय की तरफ से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। 30वें सूरजकुंड मेले में थीम स्टेट के लिए बिहार, तेलंगाना और झारखंड के बीच मुकाबला था। तेलंगाना ने बाजी मारी थी। तेलंगाना भी पहली बार मेले में थीम स्टेट के रूप में चुना गया था।
अगले साल एक फरवरी से शुरू होने जा रहे इस मेले में इस बार इजिप्ट को कंट्री पार्टनर बनाया गया है। मेले में आने वाले दर्शकों को इस बार झारखंड के साथ मिश्र की कला संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
पिछले वर्ष चाइना को कंट्री पार्टनर बनाकर सरकार ने चाइना के साथ दोस्ताना संबंध मजबूत करने की कोशिश की थी। मेले की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। सुरक्षा, यातायात और मेला प्रबंधन की समीक्षा की जा रही है।
इस बार मेले में केंद्र सरकार की ओर से 50 से ज्यादा देशों को आमंत्रित किया गया है। जिसमें से 35 से ज्यादा ने आने के लिए सहमति जता दी है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से जून में ही पाकिस्तान को निमंत्रण भेज दिया गया था। पाकिस्तान की ओर से भी दिलचस्पी दिखाई गई थी। अब सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हालात बदल सकते हैं। अब भारत सरकार को फैसला करना होगा।
तीन एकड बढ़ेगा मेला परिसर
मेले को यादगार और भव्य रूप से पर्यटकों को लुभाने के लिए परिसर को तीन एकड़ बढ़ा दिया गया है। अब मेला 38 एकड़ की जगह 41 एकड़ में लगेगा। जिसमें पर्यटकों के लिए 175 नई स्टॉल बनाई गई हैं। वहीं, पर्यटकों को खरीदारी के लिए पहले से ज्यादा सामान मिलेगा।
राज्य को मिलेगी अलग पहचान
मेले में इस बार थीम स्टेट और कंट्री पार्टनर की धूम तो रहेगी लेकिन ज्यादा फोकस हरियाणा राज्य को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग पहचान बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मेले में ज्यादा से ज्यादा विदेशी देशों को आंमत्रित किया गया है। -राजेश जून, मेला अधिकारी