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जमीन घोटालाः नोएडा अथॉरिटी की पूर्व चेयरमैन नीरा यादव को सुप्रीम कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा

Wed, 02 Aug 2017 02:41 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नीरा यादव - फोटो : सोशल मीड‌िया
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पूर्व आईएएस ‌अधिकारी नीरा यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए नोएडा प्लॉट आवंटन में दोषी नीरा यादव के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।
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हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने नीरा यादव व राजीव कुमार की सजा को कम करते हुए 3 साल से 2 साल में बदल दिया है। बता दें कि हाईकोर्ट ने इन्हें 3 साल की जेल की सजा सुनाई थी।

गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने प्लॉट आवंटन घोटले में ही यादव को साल 2012 में 3 साल की कैद की सजा सुनाई थी। नीरा यादव ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी, जहां हाईकोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा था।
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क्या है पूरा मामला

- फोटो : सोशल मीड‌िया
पूर्व आईएएस अफसर नीरा यादव वर्ष 1994 के दौरान नोएडा अथॉरिटी में चेयरमैन थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैक डेट में प्लॉट का आवंटन किया और चेक भी बैक डेट के ही लेकर बैंक में जमा करा दिया।

यही नहीं नोएडा सेक्टर-44 में प्लॉट आवंटित होने पर उसे सेक्टर-14 में बदलवाया। इसके साथ ही आवंटित प्लॉट को कॉर्नर का प्लॉट बनाने के लिए सड़क भी निकलवा ‌दी। इसके अलावा नीरा यादव ने अपनी नाबालिग बेटी संस्कृति और सुरुचि के नाम पर दुकानें अलॉट कराईं और उन्हें दुकानों में कार्यरत दिखाकर रूल्स के खिलाफ जाकर प्लॉट दिला दिया।

बता दें कि उस वक्त उनकी बेटी संस्कृति अमेरिका में पढ़ रही थी और सुरुचि दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में। जबकि नोएडा अथॉरिटी का नियम है कि परिवार के एक ही शख्स को प्लॉट अलॉट किया जा सकता है।
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