पीठ ने मंदर की वकील करुणा नंदी से कहा, ‘अगर आप कोर्ट के बारे में ऐसा विचार रखते हैं तो हम इस पर आपका जवाब चाहेंगे। आपकी याचिका पर सुनवाई करने से पहले हम आपके द्वारा दिए बयान का परीक्षण करेंगे।’
नंदी ने कहा कि मंदर ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है। कथित वीडियो की प्रमाणिकता को लेकर उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए वक्त दिया जाए। पीठ ने मंदर को शुक्रवार तक इस मसले पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा। इस पर नंदी ने पीठ से गुहार लगाई कि मंदर अभी देश से बाहर हैं, लिहाजा उन्हें और वक्त दिया जाए, लेकिन पीठ ने और वक्त देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट में मौजूद सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि अगर पीठ मंदर के इस वीडियो को देखना चाहती है तो वह दिखा सकते हैं। जिस पर पीठ ने कहा कि हम मंदर की याचिका पर तब सुनवाई करेंगे जब तक यह साबित नहीं हो जाता है कि उन्होंने यह टिप्पणी की है या नहीं?