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सुप्रीम कोर्ट ने कहा पता नहीं लोग सांस कैसे ले रहे हैं, दिल्ली समेत चार राज्यों के मुख्य सचिव तलब

Sat, 16 Nov 2019 06:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, लोग सांस कैसे ले रहे हैं? कोर्ट ने कहा, दिल्ली- एनसीआर प्रदूषण से बुरी तरह पीड़ित है। अधिकारियों को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। 

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इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को तलब कर यह बताने को कहा कि उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए हैं।



जस्टिस अरुण मिश्रा और दीपक गुप्ता की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि आज कमरे के अंदर वायु गुणवत्ता का स्तर 600 है। कमरे के बाहर और बुरा हाल है, पता नहीं लोग सांस कैसे ले पा रहे हैं। प्रदूषण में 44 फीसदी हिस्सेदारी पराली जलाने की है, जबकि 56 फीसदी प्रदूषण दिल्ली का है। 
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पीठ ने कहा कि उसके आदेश के बावजूद हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पराली जलाना जारी है। पंजाब में इसमें कमी हुई, जबकि हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। यह क्यों हो रहा है। यह चौंकाने वाला है। पीठ ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व यूपी के मुख्य सचिव को 29 नवंबर को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा। सभी को 25 नवंबर तक हलफनामा देना होगा।

‘सम-विषम’ स्थायी समाधान नहीं, बढ़ा प्रदूषण 
कोर्ट ने प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना को ‘फेल’ करार दिया। कोर्ट ने कहा कि योजना लागू होने के बावजूद राजधानी में प्रदूषण बढ़ा है। यह प्रदूषण से निपटने का स्थायी समाधान नहीं है, इसके लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सम-विषम योजना आधे-अधूरे क्रियान्वयन का नमूना है।

अगर दोपहिया वाहनों को छूट दी गई तो इसका क्या मतलब है? यह योजना केवल कारों तक सीमित है, जबकि प्रदूषण में कारों से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी तीन फीसदी है। जस्टिस गुप्ता ने कहा, जिन शहरों में सम-विषम सफल रहा, वहां कोई छूट नहीं दी गई। पेरिस और मिलान जैसे शहरों में योजना के दौरान सार्वजनिक वाहनों में यात्रा मुफ्त कर दी जाती है।

स्मॉग टावर लगवाने की योजना
केंद्र सरकार ने पीठ को बताया कि वह प्रदूषण कम करने के लिए स्मॉग टावर लगाने की योजना पर काम कर रहा है। पीठ ने पूछा कि टावर लगाने में कितना समय लगेगा और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। इस पर आईआईटी मुंबई के विशेषज्ञ ने बताया कि हमने एक किलोमीटर की दूरी तक प्रदूषण कम करने का उपकरण विकसित किया है। इसे लगाने में आठ महीने का वक्त लगेगा। जिस पर पीठ ने कहा कि यह वक्त बहुत अधिक है। पीठ ने सरकार को यह अवधि कम करने और इसका अध्ययन करने को निर्देश दिया।

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दिल्ली सरकार का दावा कम हुआ प्रदूषण
सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने दावा कि सम-विषम से प्रदूषण 5-15 फीसदी तक कम हुआ है। हालांकि दिल्ली सरकार ने यह स्वीकार किया भारी संख्या में दोपहिया वाहनों के सड़कों पर होने से योजना अधिक कारगर सिद्ध नहीं हुई। क्षेत्र में प्रदूषण की मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना है।

प्रदूषण पर बैठक, नहीं पहुंचे नेता-अधिकारी
दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर शुक्रवार को हुई बैठक में पर्यावरण मंत्रालय, डीडीए, नगर निगम के सीनियर अधिकारी और सांसद नदारद रहे। शहरी विकास मामलों की संसद की स्थायी समिति के सदस्य अफसरों की गैरहाजिरी से खफा दिखे। अब इस मुद्दे को समिति के अध्यक्ष के समक्ष उठाया जा सकता है। बैठक में शामिल न होने पर आप ने पूर्वी दिल्ली से सांसद और क्रिकेटर गौतम गंभीर पर निशाना साधा।

दिल्ली बेदम, गौतम मस्त
दिल्ली प्रदूषण के कारण बेदम है और गौतम गंभीर इंदौर में मस्ती कर रहे हैं। सांसद को दिल्ली आकर बैठक में शामिल होना चाहिए था। बैठक रद्द हो गई क्योंकि एमसीडी, डीडीए, पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली के सांसद नदारद रहे।
- आम आदमी पार्टी 

दोषारोपण का समय नहीं
दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा काफी अहम है। परिस्थितियां बदलने से हर दिन नई चुनौती है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सभी एजेंसियों को इससे मिलकर निपटने की जरूरत है। यह समय दोषारोपण करने का नहीं है।
- प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री

लगातार चौथे दिन हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’
नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर शुक्रवार को भी स्मॉग की मोटी चादर से लिपटा रहा, जिसके चलते लगातार चौथे दिन वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व एक ही स्थान पर ठहरे रहते हैं। अनेक स्थानों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर सामान्य से कम से कम आठ गुना अधिक था।
शहर                         वायु गुणवत्ता
गाजियाबाद                  471
नोएडा                       469
गुरुग्राम                       460
दिल्ली                        458
फरीदाबाद                    450
ग्रेटर नोेएडा                  442
(सीपीसीबी के अनुसार शाम 4 बजे तक)
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