सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए स्मॉग टावर लगाने के आदेश पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया गया था।
जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायणन ने बताया, स्मॉग टावर को अधिकतर देशों ने नकार दिया है और साथ ही इसके प्रभाव का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। साथ ही उनका यह भी कहना था के स्मॉग टावर लगने से चीनी कंपनियों तक पैसा पहुंचेगा। हालांकि पीठ ने उन तमाम दलीलों को दरकिनार कर दिया।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्मॉग टावर लगाने को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइट सर्वे का काम पूरा हो चुका है। मिट्टी के नमूने उठाए जा रहे हैं।
आईआईटी, बॉम्बे और टाटा प्रोजेक्ट ने एक विदेशी विश्वविद्यालय के साथ तकनीक स्थानांतरण का करार किया है। जिसके बाद पीठ ने सॉलिसिटर जनरल को मंगलवार तक हलफनामे के जरिये जानकारी देने के लिए कहा है।