सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के निदेशकों को समूह से उधार लिए गए पैसे या फिर इन पैसों से बनाई गई संपत्तियों में लगाई गई रकम को लौटाने के लिए कहा है। साथ ही प्रोजेक्ट्स से जुड़ी उन संपत्तियों का आकलन करने के लिए कहा है जिनकी बिक्री नहीं हो सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन संपत्तियों को बेचकर फ्लैट खरीदारों को रकम वापस की जाएगी।
न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ के समक्ष फ्लैट खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहौटी ने कहा कि समूह के निदेशकों और उनकेरिश्तेदारों ने कंपनी से करीब 161 करोड़ रुपये उधार के तौर पर या एडवांस की तौर पर लिए हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि समूह केचीफ फाइनेंस ऑफिसर चंद्र वाधवा ने समूह से 12 करोड़ रुपये लिए है। इनमें से अब तक चार करोड़ रुपये की चेक के माध्यम से वापस किया गया है। सीएफओ को बाकी रकम अभी चुकाना बाकी है। जिसकेबाद पीठ ने यमूह केतमाम निदेशकों से कहा कि वे समूह से उधार ली गई रकम को वापस करने के लिए कहा है।
साथ की लाहौटी ने बताया कि समूह के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में करीब 5000 ऐसे फ्लैट हैं जिनकी बिक्री नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इन फ्लैटों को बेचकर फ्लैट खरीदारों के पैसे वापस किए जा सकते हैं। जिस पर पीठ ने फोरेंसिक ऑडिटर को इन फ्लैटों की कीमत का आकलन करने के लिए कहा है।
फोरेंसिक ऑडिटर को यह बताने के लिए कहा गया कि इन फ्लैट्स को बेचकर कितनी रकम का जुगाड़ हो सकता है। साथ ही पीठ ने समूह को यह बताने के लिए भी कहा कि किन-किन प्रोजेक्टस पर कितनी रकम लगाई गई है। अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।