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सिसोदिया की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट : कहा- हाईकोर्ट से मेरिट पर चूक नहीं, देरी के पहलू पर विचार न करना गलती

Sat, 10 Aug 2024 05:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पीठ ने कहा, ट्रायल कोर्ट का यह निष्कर्ष कि सिसोदिया की ओर से इस मामले की सुनवाई में देरी की गई, यह सही नहीं है। 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने माना कि मनीष सिसोदिया मामले की मेरिट के संबंध में ट्रायल कोर्ट व हाईकोर्ट की ओर से कोई त्रुटि नहीं थी। लेकिन उन्होंने मुकदमे में देरी के पहलू पर विचार न करके गलती की। पीठ ने कहा, ट्रायल कोर्ट का यह निष्कर्ष कि सिसोदिया की ओर से इस मामले की सुनवाई में देरी की गई, यह सही नहीं है। 

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पीठ ने सुनवाई में देरी के लिए सिसोदिया को दोषी ठहराने की सीबीआई और ईडी की दलील को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। ट्रायल कोर्ट व हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के अक्तूबर 2023 के फैसले में की गई टिप्पणियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि लंबे समय तक कारावास और मुकदमे में देरी को धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 में पढ़ा जाना चाहिए।

दो याचिकाएं दी थीं
मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। एक, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में और दूसरी, धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामले में। उन्हें पिछले साल 26 फरवरी को सीबीआई ने और 9 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था। सिसोदिया ने 21 मई के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि सिसोदिया के मामले में सत्ता का गंभीर दुरुपयोग और विश्वास का उल्लंघन दर्शाया गया है।
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एएसजी के केजरीवाल जैसी शर्तें लगाने का अनुरोध खारिज
पीठ के फैसला सुनाने के बाद एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत से अरविंद केजरीवाल मामले में लगाई गई शर्तों के समान कुछ शर्तें लगाने का अनुरोध किया। जैसे, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय या दिल्ली सचिवालय का दौरा नहीं करना चाहिए। हालांकि पीठ ने राजू के इस अनुरोध को खारिज कर दिया।

निजी आजादी के लिए भटकने पर मजबूर नहीं कर सकते
पीठ ने कहा, बार-बार देखा गया है कि किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने से पहले लंबे समय तक कैद में रहने को बिना सुनवाई के सजा बना दिया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं होने देना चाहिए। पीठ ने कहा, सिसोदिया के 17 महीने जेल में रहने व 3 जुलाई तक आरोपपत्र दाखिल किए जाने के आश्वासन के बाद भी मुकदमे में देरी हुई।

  • पीठ ने कहा, सिसोदिया को वापस ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट (जैसा कि एएसजी एसवी राजू ने सुझाव दिया था) भेजना उन्हें सांप और सीढ़ी के खेल में डालने जैसा होगा। पीठ ने कहा, मुकदमे को शीघ्र पूरा करने की उम्मीद में सिसोदिया को असीमित समय तक सलाखों के पीछे रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के उनके मौलिक अधिकार का हनन होगा।

मनीष सिसोदिया बोले- मेरा रोम-रोम आंबेडकर के संविधान का कर्जदार
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शुक्रवार शाम करीब छह बजे तिहाड़ जेल से बाहर आए। वह पिछले 17 महीने से जेल में बंद थे। उनके स्वागत में तिहाड़ के बाहर आम आदमी पार्टी के नेताओं समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं व समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा और उनकी पहली झलक मिलते ही आतिशबाजी कर उनका स्वागत किया।

सिसोदिया ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका रोम-रोम बीआर डॉ. आंबेडकर के संविधान का कर्जदार है। संविधान और सच्चाई की ताकत से उन्हें जमानत मिली है। अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बाहर आएंगे। सिसोदिया ने कहा कि जो लोग उनसे मिलने आए हैं और 17 महीने से उनके साथ कष्ट उठा रहे थे, आप सभी लोगों को इस आजाद मनीष सिसोदिया का नमस्कार। इन 17 महीनों में केवल मैंने नहीं, बल्कि आप सब लोगों ने भी कष्ट उठाया है।

दिल्ली और देश का हर एक व्यक्ति, खासतौर पर स्कूल का हर एक बच्चा दिल से मेरे साथ रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया। सिसोदिया ने कहा कि आज मैं बाहर आया हूं, तो यह केवल आपके प्यार, भगवान के आशीर्वाद और सच्चाई की ताकत की बदौलत है। अब मेरा पूरा जीवन आंबेडकर और संविधान का ऋणी है। उसी संविधान और सच्चाई की ताकत से जमानत मिली है। यह सबके लिए बेहद भावुक पल है। सिसोदिया ने कहा कि खासतौर से वह अभिषेक मनु सिंघवी का धन्यवाद करते हैं। 

जेल के बाहर उमड़ा समर्थकों का हुजूम
सिसोदिया के स्वागत में जेल के बाहर भारी जन सैलाब उमड़ पड़ा। जेल से लेने के लिए सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक समेत आम आदमी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता तिहाड़ जेल पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद थे। शाम छह बजे मनीष सिसोदिया को बाहर निकलने का समय था और उससे काफी पहले से ही जेल के बाहर पार्टी के नेता और समर्थन जुटने लगे थे।

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