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सुप्रीम कोर्ट ने एलजी का लगाई कड़ी फटकार, कहा- खुद को ‘सुपरमैन’ समझते हैं

Thu, 12 Jul 2018 11:13 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने कूड़े के निपटान में नाकाम रहने पर दिल्ली के उपराज्यपाल के रवैये पर कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि शक्ति के मामले में उपराज्यपाल खुद को ‘सुपरमैन’ समझते हैं, लेकिन शहर से ‘कूड़े के पहाड़’ साफ करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। एक कूड़े के ढेर की ऊंचाई तो लगभग कुतुब मीनार के बराबर पहुंच गई है। पीठ ने एलजी दफ्तर को 16 जुलाई तक हलफनामा देकर बताने को कहा है कि भलस्वा, ओखला और गाजीपुर के कूड़े के पहाड़ को कब तक हटाया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

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उपराज्यपाल की ओर से दायर हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि निगम उनके प्रति जवाबदेह हैं। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने एलजी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर पिंकी आनंद को गाजीपुर, भलस्वा और ओखला से कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए समय सीमा बताने के लिए कहा है।

पीठ ने कहा कि आखिर निगम से क्यों पूछा जाना चाहिए। आप बताइए कि इस काम को कब तक पूरा किया जाएगा। पिंकी आनंद ने कहा कि जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन उचित निर्देश के बाद वह समयसीमा बताने की स्थिति में होंगी। पीठ ने पाया कि उत्तरी निगम और पूर्वी निगम के पास कार्यों के निष्पादन के लिए फंड तक नहीं है। 

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हमें मतलब नहीं कितनी बैठकें हुईं, कितनी कप चाय पी गईं
पीठ ने पाया कि एलजी की ओर से कूड़े को लेकर निगम को कोई निर्देश नहीं दिए गए। हलफनामे के अनुसार जब एलजी कार्यालय जिम्मेदार है, तो इसमें मुख्यमंत्री को बीच में नहीं लाना चाहिए। सच तो ये है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन पर बुलाई गई बैठकों में एलजी का कोई प्रतिनिधि नहीं जाता। पिंकी आनंद ने कहा कि इसे लेकर सभी अथॉरिटी गंभीर हैं और कई बैठकें हो चुकी हैं। इस पर पीठ ने कहा, ‘हमें इससे मतलब नहीं कि कितनी बैठकें हुईं और कितनी कप कॉफी पी गई। सच यह है कि इन बैठकों का कोई नतीजा नहीं निकला।’

गुरुग्राम नगर निगम से सीखें कूड़ा प्रबंधन
सुनवाई के दौरान अमाइकस क्यूरी वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने पीठ को बताया कि गुरुग्राम नगर निगम कूड़ा प्रबंधन को लेकर अच्छा काम कर रहा है, इसे दिल्ली में भी लागू करने का प्रयास किया जाना चाहिए। इस पर पीठ ने एलजी दफ्तर को गुरुग्राम नगर निगम के डिप्टी डायरेक्टर से सलाह करने के लिए कहा है। साथ पीठ ने डिप्टी डायरेक्टर को अगली सुनवाई पर अदालत में पेश होकर कूड़ा प्रबंधन के बारे में बताने के लिए कहा गया है।
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