पीठ ने हापुड़ जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह इस हमले में बच गये समीउद्दीन को सुरक्षा प्रदान करने के उसके अनुरोध पर विचार करें। न्यायालय ने इसके साथ ही इस मामले में 28 अगस्त को आगे विचार करने का निश्चय किया है।
पीठ ने समीउद्दीन के वकील के इस कथन पर विचार किया कि उनके मुवक्किल और मांस के कारोबारी कासिम कुरैशी पर 18 जून को उग्र भीड़ ने इस संदेह में हमला किया कि वे गौवध में शामिल हैं जबकि पुलिस ने भीड़ के हमले की बजाये रोड रेज का मामला दर्ज किया है।
इस हमले में 45 वर्षीय कुरैशी की बाद में मृत्यु हो गयी थी। याचिका में इस घटना के मुख्य आरोपी युधिष्ठिर सिंह सिसोदिया और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द करने का भी अनुरोध किया गया है।
याचिका में एक मिनट का एक वीडियो सामने आने का भी जिक्र किया गया है जिसमे यह बताया गया है कि यह रोड रेज का नहीं बल्कि भीड़ द्वारा पीटने का मामला था।