नोएडा के चर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की फांसी की सजा पर पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। मंगलवार को कोली की फांसी की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है।
अटॉर्नी सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कोली पुनर्विचार याचिका को रद्द करने का कारण बताते हुए कहा कि कोली ने ये याचिका इस आधार पर दायर की थी कि उनसे गुनाह को जबरन कबूल करवाया गया था। उसने अपनी इच्छा से जुर्म कबूल नहीं किया था।
इस पर कोर्ट ने उसकी इस बात को सिरे से खारिज करते हुए कोली की फांसी पर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद उसकी फांसी तय हो गई है।
मालूम हो कि सुरेंद्र कोली को निठारी कांड के पांच अलग-अलग मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। यहां तक कि एक मामले में उसके खिलाफ गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से डेथ वारंट जारी किया जा चुका है।