सुप्रीम कोर्ट ने सीलिंग मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट के हालिया आदेश पर नाराजगी जताई है। साथ ही राजधानी में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने के लिए गठित निगरानी समिति से संबंधित याचिका पर सुनवाई करने से भी रोक दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा और दीपक गुप्ता की पीठ ने सोमवार को कहा, ‘जिस तरह दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया, उससे हम खुश नहीं हैं।’ शीर्ष अदालत ने 15 दिसंबर, 2017 को अपने फैसले में यह स्पष्ट कर दिया था कि निगरानी समिति के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई केवल सुप्रीम कोर्ट में ही होगी।