दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल से निकलने पर खुशी मनाने वाले समर्थकों के खिलाफ सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। समर्थकों ने खुशी जताने के दौरान आतिशबाजी की थी, जबकि दिल्ली सरकार ने पटाखों के निर्माण, जमा करने, बिक्री और इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। पुलिस ने अज्ञात समर्थकों के खिलाफ सरकारी आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से समर्थकों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 10 सितंबर को ही दिल्ली में पटाखों के निर्माण, जमा, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2025 तक जारी है। इसके तहत पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर भी प्रतिबंध है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला उप निरीक्षक तरुण कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया है।
शिकायत में उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को वह तीस हजारी कोर्ट से सिविल लाइंस थाने जा रहे थे। बीच रास्ते उन्हें आला अधिकारियों की ओर से निर्देश मिला, जिसमें बताया गया कि शाम को उनकी तैनाती सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर होगी। वह तुरंत ड्यूटी के लिए 6 फ्लैग स्टाफ रोड पहुंच गए। वहां अन्य स्टाफ भी मौजूद था। लोगों की भीड़ जमा थी। भीड़ के बीच से पटाखे जलने की आवाज भी लगातार आ रही थी। इस वजह से वहां काफी वायु प्रदूषण हो रहा था। रोकथाम करने के लिए वह वहां पहुंचे। उन्हें देखते ही पटाखे चलाने वाले वहां से भाग गए। पटाखे जलाकर लोगों ने वायु को प्रदूषित किया और साथ ही सरकारी आदेश का उल्लंघन भी किया है।