वह नरेला औद्योगिक क्षेत्र के एन ब्लॉक में स्थित एक फैक्टरी में काम करता था। इसी फैक्टरी की चौथी मंजिल पर वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ रहता था। उसकी पत्नी भी इसी फैक्टरी में काम करती है। चार जून को सुबह पुलिस को नरेला एन ब्लॉक की फैक्टरी में मारपीट और सुपरवाइजर राकेश पर फावड़े से हमला होने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि घायल राकेश को महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में लेकर गए हैं। जहां से उसे अंबेडकर अस्पताल में रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मौके पर छानबीन की। पता चला कि फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी कुलदीप ने उस पर हमला किया है। पुलिस ने फरार कुलदीप के ठिकानों पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसे अपनी पत्नी और सुपरवाइजर राकेश के बीच अवैध संबंध का शक था। चार जून को तड़के उसने अपने घर में पत्नी और राकेश को आपत्तिजनक हालत में देखा। इस बात का विरोध करने पर उसकी पत्नी और राकेश ने उसकी पिटाई कर दी। उसके बाद दोनों वहां से चले गए। सुबह आरोपी फावड़ा लेकर फैक्टरी पहुंचा और राकेश पर हमलाकर फरार हो गया।