राजधानी में रविवार वर्ष का दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित दिन साबित हुआ। इससे पहले दिवाली के एक दिन बाद 8 नवंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 541 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 दर्ज किया गया जबकि सफर के मुताबिक हवा की गुणवत्ता का सूचकांक पूरे दिन में अधिकतम 471 था।
प्रदूषण के भयावह स्तर को देखते हुए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली एनसीआर के हॉटस्पॉट औद्योगिक क्षेत्र 26 दिसंबर तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की सिफारिश पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण को भेजी है। ईपीसीए ने वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण और बायोमास जलाने पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
औद्योगिक इकाइयों और अस्पतालों से निकलने वाले कचरे से होने वाले प्रदूषण के खतरे के मद्देनजर निगरानी बढ़ाने को कहा है। फरीदाबाद में एक्यूआई 444, गाजियाबाद में 478, ग्रेटर नोएडा में 457 एवं नोएडा में 466 प्रति क्यूबिक मीटर रहा।
सीपीसीबी की हिदायतें
-अगले पांच दिनों में घरों से कम से कम बाहर निकलें।
-खुली हवा में सैर से बचें।
-निजी वाहनों का न्यूनतम इस्तेमाल करें।