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Sunder Bhati: जेल से छूटने के बाद बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा सुंदर भाटी, लॉरेंस बिश्नोई से भी संबंध!

Sat, 26 Oct 2024 06:16 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने उस पर निगरानी बढ़ा दी है। जमानत मिलने के बाद वाराणसी के अपने दिल्ली स्थित घर पहुंचा है। 
 
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कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी - फोटो : एक्स
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कुख्यात गैंगस्टर सुंदर भाटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस ने उस पर निगरानी बढ़ा दी है। जमानत मिलने के बाद वाराणसी के अपने दिल्ली स्थित घर पहुंचा है। पुलिस की ओर से उसके दिल्ली के मयूर विहार और पांडव नगर के घरों के आसपास कड़ी नजर रखी जा रही है। अगले महीने सुंदर भाटी की बेटी की शादी है। 

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जेल से छुटने के बाद सुंदर भाटी अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ है। साथ ही उसने अपने घर पर करीबियों से भी मुलाकात की है। सुंदर भाटी पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी, स्क्रैप माफिया रवि काना के बड़े भाई हरेंद्र नागर और उनके सरकारी गनर भूदेव शर्मा की हत्या सहित करीब 60 आपराधिक मुकदमे पूर्व में दर्ज हैं। हरेंद्र नागर की हत्या के आरोप में गौतमबुद्धनगर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाईथी। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों सुंदर भाटी को जमानत दी है। सुंदर भाटी पर हत्या, लूट, अवैध वसूली, जानलेवा हमला, रंगदारी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। 
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इस साल अप्रैल में प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद सुंदर भाटी का नाम आया था। हत्याकांड में शामिल एक शूटर हमीरपुर जेल में सुंदर भाटी के साथ बंद था। अफवाह उड़ी थी कि  विदेशी (जिगाना) पिस्टल सुंदर भाटी के माध्यम से शूटर तक पहुंचाई गई थीं। सुंदर भाटी के जेल से बाहर आने के बाद जिले में बालू खनन, ट्रांसपोर्ट, पानी की सप्लाई, स्क्रैप और सरिया कारोबार, जमीनों की खरीद फरोख्त पर कब्जे की जंग एक बार फिर छिड़ सकती है। आरोप है कि सुंदर भाटी के लॉरेंस बिश्नोई से संबंध हैं।

रवि काना हो सकता निशाने पर 
90 के दशक में नरेश भाटी और सुंदर भाटी एक साथ काम करते थे। दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों गैंग बनाकर अलग-अलग हो गए थे। इसके बाद दोनों तरफ से एक दूसरे के कई लोगों के ऊपर जानलेवा हमला हुआ था। सुंदर भाटी के भाई प्रताप पटवारी की नरेश भाटी गैंग ने हत्या करवाई थी। जबकि नरेश भाटी की हत्या में सुंदर भाटी का नाम आया था। सुंदर भाटी की गैंग से कई कुख्यात अपराधी जुड़ गए। दोनों गैंगस्टरों ने गौतमबुद्धनगर में काफी दिनों तक अपने-अपने क्षेत्र में बादशाहत रखी। 
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व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और पैसा ना देने पर उनकी हत्या करने के लिए कुख्यात हो गए। सुंदर भाटी ने जेल में रहते ही अपने कई दुश्मनों को मरवा दिया। माना जा रहा जेल में बंद रविंद्र नागर उर्फ रवि काना सुंदर भाटी के निशाने पर आ सकता है। रवि काना सपा नेता हरेंद्र नागर का भाई है। हरेंद्र नागर की हत्या के मामले में वह मुख्य गवाह है। रविकाना के जेल चले जाने के बाद सुंदर भाटी का निगाहें करोड़ों के स्क्रैप कारोबार पर हो सकती हैं, क्योंकि सुंदर भाटी का एक मुख्य प्रतिद्वंद्वी अनिल दुजाना पिछले साल यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

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