भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुनंदा पुष्कर मौत मामले में साक्ष्य नष्ट करने का आरोप लगाया है। कोर्ट में अर्जी दायर कर स्वामी ने कहा कि मामले की जांच के दौरान काफी साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया।
इस बात का जिक्र पुलिस की विजिलेंस जांच में हुआ था। पटियाला हाउस अदालत स्थित एसीएमएम समर विशाल ने स्वामी की अर्जी पर सुनवाई के लिए पांच जून की तारीख तय की है। कोर्ट अगली तारीख पर पुलिस की चार्जशीट पर सुनवाई करेगी।
स्वामी ने कहा कि सुनंदा का मोबाइल व लैपटॉप बेेटे को दे दिया गया था। जब वह वापस पुलिस के पास आया तो काफी डाटा, मेल व संदेश मिटा दिए गए थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में एक साल लगा दिया।
स्वामी का कहना है कि मामले में सुनवाई में वह कोर्ट की सहायता करना चाहते हैं। मामले में उन्हें भी पक्षकार बनाया जाए। साथ ही विजिलेंस जांच की रिपोर्ट मंगाने का अभियोजन को निर्देश दिया जाए ताकि यह पता चले कि जांच के दौरान कौन से साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया।
बता दें कि केस की एफआईआर जनवरी 2015 में दर्ज की गई थी। लेकिन थरूर को गिरफ्तार नहीं किया गया था। सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थीं।