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सुनंदा पुष्कर मौत केस में शशि थरूर पर चलेगा मुकदमा, कोर्ट ने माना आरोपी

Tue, 05 Jun 2018 05:38 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुनंदा पुष्कर, शशि थरुर
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सुनंदा पुष्कर मौत के मामले में दाखिल चार्जशीट पर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सुनंदा पुष्कर की आत्महत्या मामले में शशि थरूर को आरोपी माना है। कोर्ट ने शशि थरूर को समन जारी कर 7 जुलाई को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। 
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चार्जशीट के आधार पर पटियाला हाउस कोर्ट ने शशि थरूर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी माना है। कोर्ट के इस आदेश के बाद शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 

कोर्ट के समन के बाद शशि थरूर के वकील विकास पाहवा ने कहा, चूकि थरूर के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किया गया है और अभियोजन पक्ष का केस बेतुका और निर्थक है। इसके साथ ही यह सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों से मेल भी नहीं खाता है। इसलिए चार्जशीट को देखने के बाद ही कोई फैसला लेंगे।
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चूकि मजिस्ट्रेट ने शशि थरूर को 7 जुलाई का समन भेजा है इसलिए हमने चार्जशीट की कॉपी मांगी है। इसे पढ़कर ही हम कोई फैसला ले सकेंगे कि हमें आगे क्या कार्रवाई करनी है। थरूर अपने बचाव में हर कानूनी प्रक्रिया को अपनाएंगे। 




अदालत ने इस आधार पर माना आरोपी

सुनंदा पुष्कर ने अपनी मौत से नौ दिन पहले अपने पति शशि थरूर को ई-मेल लिखा था। इसमें सुनंदा ने लिखा था कि उसे अब जीने की इच्छा नहीं है और वह ईश्वर से केवल मौत मांगती है।

यह तर्क दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष बीते सोमवार को रखा गया था। पेश मामले की सुनवाई के दौरान भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी मौजूद थे। पटियाला हाउस अदालत स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल के समक्ष दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि सुनंदा ने ई-मेल व सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में मरने की इच्छा जाहिर की थी।

उसके इन ई-मेल व फेसबुक पोस्ट को मृत्यु पूर्व बयान के रूप में लिया गया है। उसने मरने से पहले एक कविता भी लिखी थी उससे साफ है कि वह काफी उदास थी। अदालत ने पुलिस की दलीलें सुनने के बाद चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिये पांच जून की तारीख तय कर दी थी। आज सुनवाई के दौरान अदालत ने शशि थरूर को समन जारी किया है।

ये है मामला

सुनंदा पुष्कर, शशि थरुर
बता दें कि केस की एफआईआर जनवरी 2015 में दर्ज की गई थी, लेकिन थरूर को गिरफ्तार नहीं किया गया था। सुनंदा पुष्कर 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थीं।

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा शशि थरूर पर पत्नी से क्रूरता व खुदकुशी के लिये उकसाने का आरोप है। केस की सुनवाई के दौरान भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113 ए पर विचार किया जाए।

दिल्ली पुलिस ने कहा एम्स व एफबीआई लैब की विसरा जांच रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा की मौत जहर से हुई थी। उसके कमरे से एलप्रेक्स की 27 गोलियां मिली थीं, लेकिन उसने कितनी गोलियां खाई थी इसकी जानकारी नहीं है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 14 मई को मामले की करीब चार साल के बाद शशि थरूर के खिलाफ 3 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। सुनंदा की मौत 2014 में हुई थी लेकिन पुलिस ने इसके एक साल बाद 2015 में हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद खुदकुशी के लिये उकसाने व क्रूरता की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
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कब-कब क्या-क्या हुआ

सुनंदा पुष्कर, शशि थरुर
क्रोनोलॉजी (कब-कब क्या-क्या हुआ)
. 17 जनवरी 2014 को सुनंदा पुष्कर दिल्ली की होटल लीला पैलेस में मृत मिली। 
. 21 जनवरी को एसडीएम ने मामले की जांच में कहा सुनंदा की मौत जहर की वजह से हुई। 
. 23 जनवरी सुनंदा पुष्कर मौत मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। 
. 25 जनवरी को मामले की जांच दिल्ली पुलिस को सौंपी गई। 
. एक जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की। 
. 15 जनवरी को दिल्ली पुलिस को सुनंदा पुष्कर के विसरा सैंपल से जुड़ी एक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिली।  
. जहर की किस्म का पता लगाने के लिए फरवरी 2015 को पुष्कर के विसरा सैंपल वाशिंगटन डीसी की एफबीआई लैब में भेजे गए। 
. 6 जुलाई 2017 को भाजपा नेता सुब्रहमणियम स्वामी ने मामले की एसआईटी जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 
. 26 अक्तूबर को हार्ईकोर्ट ने स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया। 
. 29 जनवरी 2018 को स्वामी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 
. 23 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की याचिका पर दिल्ली पुलिस से मामले में जवाब मांगा। 
. 20 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने एपेक्स कोर्ट में शपथपत्र दायर करके मामले में प्रोफेशनल और साइंटिफिक दोनों पहलुओं से जांच पूरी होने की बात कही। 
. 14 मई को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दायर की दी। 
. 24 मई को केस को विशेष अदालत के समक्ष भेजा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाई गई है विशेष अदालतें। 
. 28 मई: विशेष अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान के लिये फैसला रखा सुरक्षित। कोर्ट पांच जून को सुनाएगी संज्ञान पर फैसला।
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